बनाया यह रिकॉर्ड
रिकी केज का एल्बम 'ब्रेक ऑफ डॉन' बेस्ट न्यू एज, एम्बिएंट या चैंट एल्बम केटेगरी में प्रतिस्पर्धा करेगा। पहले तीन ग्रैमी अपने नाम कर चुके रिकी केज अपने संगीत के जरिए दुनियाभर में मशहूर हैं। उनका एल्बम 'ब्रेक ऑफ डॉन' संगीत के प्रति उनके जुनून का उदाहरण है। महान पंडित रविशंकर के बाद किसी भारतीय कलाकार के लिए यह पहला एकल ग्रैमी नामांकन है। और इस वर्ष भारत से एकमात्र नामांकन है।
मेंटल हेल्थ के प्रति जागरूकता का प्रयास
'ब्रेक ऑफ डॉन' एक नए युग का एल्बम है, लेकिन यह प्राचीन भारतीय रागों से प्रेरित है। इस विशेष रूप से मेंटल हेल्थ और वेलनेस के प्रित जागरुकता के मकसद से तैयार किया गया है। दुनियाभर में मेंटल हेल्थ को लेकर बढ़ रही समस्याओं को देखते हुए इस एल्बम में भारतीय वेलनेस म्यूजिक को संजोया गया है। स्टैनफोर्ड ग्लोबल हेल्थ, यूएसए के मुताबिक, 'हम रिकी को 'ब्रेक ऑफ डॉन' के लिए और भारतीय वेलनेस म्यूजिक के जरिए दुनियाभर में बढ़ रहे मेंटल हेल्थ के मामलों पर गौर करने और इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करने के लिए बधाई देना चाहते हैं'।
Netflix: नेटफ्लिक्स की सबसे ज्यादा पसंदीदा सीरीज है हीरामंडी, मिले 15 मिलियन व्यूज,जानें बाकी फिल्मों का हाल
समाज-पर्यावरण और मानसिक सेहत के प्रति करते हैं जागरुक
'ब्रेक ऑफ डॉन' वेदम रिकॉर्ड्स की पहली रिलीज है, जो यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप भारत द्वारा रिकी केज के सहयोग से लॉन्च किया गया एक नया वेलनेस म्यूजिक लेबल है। वेदम रिकॉर्ड्स ने संगीत और वेलनेस में अपने कौशल का लाभ उठाने के लिए केज के साथ साझेदारी की है। अमेरिका में, वेदम रिकॉर्ड्स का प्रतिनिधित्व वर्व लेबल ग्रुप द्वारा किया जाता है। रिकी केज अपने संगीत के जरिए मानसिक सेहत और पर्यावरण जागरूकता से लेकर सामाजिक मसलों तक पर बात करते हैं। उनके संगीत में प्राचीन भारतीय जानकारियों की झलक है। रिकी मानते हैं, 'पर्यावरण की अशुद्धियां सीधे मन की अशुद्धियों से संबंधित हैं। एक प्रजाति के रूप में हमारे सामने आने वाली किसी भी समस्या को हल करने के लिए, हमें पहले अपने दिमाग को शुद्ध करना होगा'।