बोलीं- 'मैं हमेशा अभिनय करती रहूंगी'
हिना खान ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, 'यह एक टैबू है कि कैंसर के मरीज को घर पर बैठना पड़ता है। उसे कुछ नहीं करना है और उनकी जिंदगी खत्म हो गई है। मगर यह सच नहीं है। कुछ दिन मुश्किल होते हैं, लेकिन उसके बाद आप फिर से काम कर सकते हैं। आपके अंदर वो इच्छाशक्ति, वो ताकत और अपने परिवार का प्यार होना चाहिए। मैं हमेशा ये अभिनय करती रहूंगी। मेरा शरीर मेरा साथ दे'।
बोलीं- 'मानसिक मजबूती सबसे जरूरी'
हिना खान ने आगे कहा, 'इस बीमारी के खिलाफ लड़ते हुए आपकी मानसिक मजबूती सबसे जरूरी है। इसलिए, आपको मानसिक रूप से मजबूत रहना चाहिए और खुश रहना चाहिए। अगर आपको लगता है कि कैंसर कुछ नहीं है, तो ये कुछ नहीं है।
बोलीं- 'हमें वही बनाना होगा, जो जनता को पसंद आए'
इसके अलावा हिना खान ने फिल्म, ओटीटी और सीरियल को लेकर भी बात की। हिना खान ने कहा, 'चाहे वह धारावाहिक हो या फिल्में या ओटीटी या कुछ और..., दर्शक ही भगवान हैं। हमें वही बनाना होगा, जो जनता को पसंद आए। मैं जज करने वाली कोई नहीं होती'।