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'अकबर' नाम ही काफी है: रजत टोकस

Mon, 10 Jun 2013 01:24 PM IST
आनंद गोविंद भट्ट
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अकबर के बारे में अब तक हम जो जानते हैं, उसे बीती बात मान लीजिए, क्योंकि अब जो अकबर आपके सामने आने वाला है, वह अलग ही नहीं, अनोखा भी होगा।
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ताकतवर, शानोशौकत से पूर्ण, कुशल योद्धा। ऐसे अकबर को अब आप जीटीवी के आने वाले शो 'जोधा अकबर' में देख पाएंगे। ये सारी बातें कह रहे हैं अकबर की भूमिका निभाने वाले रजत टोकस।

रजत इससे पहले 'पृथ्वीराज चौहान' बन चुके हैं। वे 'धरमवीर' में वीर, 'बंदिनी' में भगवान कृष्ण जैसी उल्लेखनीय भूमिका निभा चुके हैं और अब अकबर के जानदार किरदार को शानदार बनाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं।
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रजत के मुताबिक, इस किरदार के लिए कोई स्क्रिप्ट या डायलॉग को रटकर तैयारी नहीं की जा सकती है। इसके लिए मानसिक तैयारी सबसे ज्यादा जरूरी है।

वे आगे कहते हैं, 'हम सेट पर 45 मिनट या 2 घंटे मेहनत कर सकते हैं। लेकिन जब से यह किरदार मिला है, मैं 24x7 काम पर ही हूं। अकबर कैसे चलेगा, कैसे हंसेगा, कैसे गुस्सा करेगा, जैसे अलग-अलग पहलुओं पर काम करता रहता हूं।'

रजत बताते हैं कि, ''मैंने भी अब ही जाना कि अकबर क्या थे? इसलिए मुझे उनकी भूमिका निभाकर आदर पाना है। इसके लिए बेहतर एक्टिंग की सख्त आवश्यकता है।'

वे आगे कहते हैं, 'अकबर सोर्स है पावर का। यह पावर तभी टीवी पर नजर आएगी, जब कलाकार में दम होगा। बचपन से ही अकबर के हाथ में तलवार इसलिए थमा दी गई थी क्योंकि उसे राज करना था। उसे यह नहीं मालूम था कि किसे और क्यों मारना है? बस मारना है, तो मारना है।'
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अकबर के किरदार को हिट करा देने का दावा करने वाले रजत आठ साल में चार शो पाकर खुद को सफलतम कलाकार मानते हैं। वह मानते हैं कि कलाकार वह होता है, जिसे लोग याद रखें।

रजत के अनुसार बॉलीवुड में कोई परफेक्ट नहीं है, पर जब बात हॉलीवुड की हो, तो वह परफेक्ट कलाकारों की सूची गिनवाने को तैयार हो जाते हैं।

रजत यह भी कहते हैं कि जोधा अकबर में ज्यादा प्रभाव अकबर का ही नजर आएगा, न कि जोधा का। इसलिए इस शो के रोमांटिक शो बनने की कोई गारंटी नहीं है।
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