अमिताभ ने अपने पिता का एक किस्सा शेयर करते हुए कहा, 'उस जमाने में हमारे बाबूजी की तनख्वाह 300-400 रुपये हुआ करती थी, हमारी माताजी को उतने में ही घर चलाना पड़ता था। बाबूजी, एक्स्ट्रा आमदनी के लिए कवि समलेन में जाया करते थे। उन्हें कार्यक्रम से वापस आते-आते काफी देर हो जाया करती थी। हम दरवाजा खोलने के लिए रात के 2-3 बजे तक जगते रहते थे। जब भी वे आते, हम उनसे एक ही बात कहते, 'इतनी देर! कितनी मेहनत करेंगे?' हमारे इस सवाल के जवाब में बाबूजी कहते थे कि पैसे बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। उनकी यह बात हमें याद थी। हम भी उन्हीं की तरह देर-देर तक काम किया करते थे।'
यह भी पढ़ें- Aindrila Sharma: एंड्रिला शर्मा के पैरों पर किस करके बॉयफ्रेंड सब्यसाची ने दी अंतिम विदाई, वायरल हो रहा वीडियो
अमिताभ ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, 'उस जमाने में हम एक समय में तीन फिल्मों में काम करते थे। इसलिए तीन शिफ्ट लगती थीं। काम खत्म करते करते हम जब रात को 3-4 बजे आते तो बाबूजी दरवाजा खोलते और कहते, 'क्या कर रहे हो, इतनी मेहनत क्यों कर रहे हो'। हम भी वही कहते, 'पैसे बड़ी मुश्किल से मिलते हैं'। हालांकि, काम के चक्कर में एक चीज हमेशा के लिए रह गई। वह ये कि हम हमारे बच्चों को बड़ा होता नहीं देख पाए। काम की व्यस्तता के कारण मैं अपने बच्चों के साथ अधिक समय नहीं बिता पाया जो मुझे एक पिता के तौर पर करना चाहिए था।
यह भी पढ़ें- Disha Salian: सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा, नहीं हुई थी सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर दिशा सालियान की हत्या