जीटीवी पर हाल ही में शुरू हुए ऐतिहासिक धारावाहिक 'जोधा अकबर' को लेकर काफी समय से बवाल मचा हुआ है। अब इस धारावाहिक के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है।|
दरअसल आंदोलनकर्ताओं का कहना है कि इस धारावाहिक में 'जोधा अकबर' की कहानी को काफी तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है।
इतना ही नहीं, विरोध प्रदर्शन करने वालों का ये भी कहना है कि इस शो में क्षत्रियों के इतिहास को काफी गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है।
'जोधा अकबर' के खिलाफ राजस्थान कोर्ट में दो याचिका भी दर्ज की जा चुकी हैं। याचिकाकर्ता लोकेन्द्र सिंह कालवी और गिरिराज सिंह लोटावाड़ा ने जनहित याचिका लगाई थी जिनके मुताबिक धारावाहिक में राजस्थान के इतिहास को भी काफी तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और जोधा को अकबर की पत्नी कहा जा रहा है। ये दोनों ही बातें वास्तविकता से परे हैं।
आंदोलनकारियों का ये भी कहना है कि इस धारावाहिक के लिए इतिहास का जो संदर्भ इस्तेमाल किया जा रहा है वो गलत है। दरअसल शो का आधार 'मुगल-ए-आजम' फिल्म के बाद लिखी किताबें हैं जिसमें जोधा को अकबर की पत्नी कहा गया है।
वहीं इतिहासकारों का कहना है कि जोधा और अकबर का विवाह हुआ ही नहीं था। इतना ही नहीं, अकबर राजपूतों के खिलाफ नहीं थे जबकि इस धारावाहिक में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए काफी तोड़-मरोड़ की गई है।
आंदोलनकर्ता जहां धारावाहिक के प्रसारण को बंद करने की लगातार मांग कर रहे हैं वहीं धारावाहिक का नाम बदलने पर भी जोर दिया जा रहा है। खबरों के मुताबिक, बालाजी टेलीफिल्म इस पूरे मामले में अभी तक कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
राजस्थान में करणी सेना ने ये ऐलान किया है कि यदि जीटीवी पर इस धारावाहिक के प्रसारण पर रोक नहीं लगी तो वे राजस्थान में एकता कपूर की कोई भी फिल्म प्रदर्शित नहीं होने देंगे।
इधर दिल्ली में भी 'जोधा अकबर' के विरोध में जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। करणी सेना ने पूरे देश में इस आंदोलन को तेज कर दिया है।
फेसबुक पर भी 'जोधा अकबर' के खिलाफ मुहिम छिड़ गई है। अमर उजाला को दिल्ली के भगतसिंह युवा संगठन के सदस्य महेश स्वामी ने बताय कि वे नहीं चाहते जोधा को जिस तरह से इस धारावाहिक में गलत ढंग से दिखाया जाए ताकि उसका प्रभाव आज की महिलाओं पर गलत ढंग से पड़े।
इसी संगठन के एक अन्य सदस्य नेहुल यादव का कहना है कि हमारी मांग है कि 'जोधा अकबर' की कहानी में बदलाव और धारावाहिक का नाम बदला जाए या फिर इसका प्रसारण बंद कर दिया जाए।
वे आगे कहते हैं 'इससे क्षत्रिय समाज को और उनके इतिहास को ठेस पहुंच रही है। इसीलिए क्षत्रिय समाज धारावाहिक के खिलाफ 20 जून को 11 बजे बालाजी टेलीफिल्म और जी टीवी के कार्यालय पर साउथ एक्टेंशन पार्ट 1, दिल्ली में प्रदर्शन करेगा। इतना ही नहीं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में भी याचिका दायर की जाएगी।'
'अमर उजाला' ने जब इस मुद्दे पर 'जोधा अकबर' के स्क्रिप्ट राइटर राजेश जोशी से संपर्क किया तो उन्होंने बात करने के लिए थोड़ा समय मांगा।
इससे पहले आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'जोधा अकबर' को भी राजस्थान में प्रदर्शित होने से रोका गया था।
अब देखना होगा कि राजेश जोशी अपनी सफाई में क्या कहते हैं? और क्या वाकई शो का प्रसारण बंद होगा या इसकी स्क्रिप्ट में बदलाव किए जाएंगे?