जेठालाल और मुसीबतें ज्यादा देर तक एक दूसरे से अलग नहीं रह सकते हैं। जी हाँ बेचारे जेठालाल के हाथ में एक मुसीबत आ गई है और जिससे जेठालाल को मिल गया है कवच और वो भी 'लोटा कवच' ।
दरअसल जेठालाल के हाथ में एक लोटा फँस गया है , जो कि निकलने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस लोटे को निकालने के लिए गोकुलधाम सोसाइटी के सबसे बलशाली व्यक्ति यानि की मिस्टर सोढ़ी की कोशिश नाकामयाब रही ।
इसके अलावा अय्यर , पोपटलाल, भिड़े, डॉक्टर हांथी सबकी कोशिश नाकामयाब रही । इतना ही नहीं इस लोटे ने जहां एक तरह जेठालाल का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें प्रसिद्धि भी दिलाई।