‘ऑफिस ऑफिस चली मुसद्दी की बेटी’
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अब मुसद्दीलाल की बेटी बाजी पलटेगी
निर्देशक उमेश आगे कहते हैं, ‘अचानक मेरे दिमाग में आया कि ‘ऑफिस ऑफिस चली मुसद्दी की बेटी’ बनाया जा सकता है। वो बेचारा कॉमन मैन था, जो सिस्टम में पिस जाता था। लेकिन आज की लड़की अलग है। यहां वो पहले हारेगी जरूर लेकिन फिर बाजी पलटेगी। आज की जनरेशन सवाल पूछती है, लड़ती है, वीडियो बनाती है। आज अगर किसी का काम नहीं होता तो वो पहले रील बनाता है, सोशल मीडिया पर वीडियो डालता है। सोशल मीडिया पर डालते ही सिस्टम हरकत में आ जाता है। हमने उसी दुनिया को पकड़ने की कोशिश की है।'
‘ऑफिस ऑफिस चली मुसद्दी की बेटी’ का एक सीन
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पुराने एक्टर्स को ना लेने का कारण सिर्फ फीस नहीं थी
आजकल पुराने शोज के रीबूट में कैमियो और नॉस्टैल्जिया सबसे बड़ा हथियार बन चुके हैं। लेकिन उमेश मेहरा इस रास्ते पर नहीं जाना चाहते। इस बारे में वे कहते है, ‘अगर मैं पुराने एक्टर्स को लेकर आऊं, तो इसका मतलब है कि मुझे अपने नए कंटेंट पर भरोसा नहीं है। मैं पुराने चेहरों के सहारे सीरियल नहीं चलाना चाहता। नया सीरियल अपने दम पर खड़ा होना चाहिए।’
आज दो मिनट में ऑडियंस पकड़नी पड़ती है
टीवी के बदलते दौर पर बात करते हुए उमेश मेहरा साफ कहते हैं कि अब सबसे बड़ा मुकाबला मोबाइल से है। ‘आज सबसे बड़ा चैलेंज मोबाइल है। लोगों का अटेंशन स्पैन बहुत छोटा हो गया है। इसलिए हमने टीवी शो को उसी हिसाब से डिजाइन किया है। हर कैरेक्टर के पास 2-3 मिनट का ऐसा मोमेंट है, जो अकेले भी वायरल हो सके। आपने वो मोमेंट देखा और आपका एंटरटेनमेंट हो गया। अब कंटेंट उसी तरह बनाना पड़ता है।’