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Sudesh Lehri: बचपन में सुदेश लहरी के पास नहीं थे पैसे, कॉमेडियन बोले- 'मैं अनपढ़ हूं कभी स्कूल नहीं गया'

Wed, 30 Jul 2025 04:04 PM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Comedian Sudesh Lehri: कॉमेडियन सुदेश लहरी ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़े कई किस्सों को लेकर खुलासा किया। उन्होंने अपने शुरुआती जीवन के साथ ही अपनी गरीबी तक के सफर को याद किया।
 
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कॉमेडियन सुदेश लहरी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कॉमेडियन सुदेश लहरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी पर्सनल लाइफ से लेकर अपनी प्रोफेशनल लाइफ के बारे में कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उनके पास स्कूल जाने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे और कैसे उन्होंने गरीबी का सामना किया है।
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जीवन में कई कठिन मोड़ का किया सामना
अमन औजला के साथ बातचीत के दौरान सुदेश ने बताया कि कैसे वह गरीबी में बड़े हुए हैं। एक समय ऐसा भी था जब उनके पास स्कूल जाने के लिए पैसे नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं और साइनबोर्ड भी नहीं पढ़ सकते। फिर भी, वह पैसे खर्च करने और जीवन का आनंद लेने में विश्वास रखते थे।
 

शादी और पढ़ाई को लेकर सुनाया किस्सा
अपनी शादी को लेकर सुदेश ने बताया, "17 साल की उम्र में मेरी शादी हुई। मेरी पत्नी 15 साल की थी। हम समझ नहीं पा रहे थे कि क्या कर रहे हैं। बच्चों के जन्म के बाद भी हमें कुछ समझ नहीं आता था। हमारे पास पैसे नहीं थे। अस्पताल का खर्च भी नहीं उठा सकते थे।" अपनी पढ़ाई को लेकर सुदेश ने बताया, "मैं अनपढ़ हूं। मैंने कभी स्कूल नहीं देखा। पैसे कमाने के लिए मैं दुकानों पर काम करता था, मैकेनिक का काम करता था। मुझे अभिनेता बनना था। मैं पढ़ नहीं सकता था, लेकिन डायलॉग याद कर सकता था।"

दिवाली का किस्सा
सुदेश ने दिवाली का एक किस्सा बताया, "मैं पैसे खर्च करने में विश्वास रखता हूं। पैसा बैंक में रखने से कोई फायदा नहीं। बचपन में अमृतसर में दिवाली पर हमारे पास पटाखे या मिठाई खरीदने के लिए पैसे नहीं होते थे। एक बार मेरे पास 100 रुपये थे। मैंने 50 रुपये की मिठाई और कुछ मोमबत्तियां खरीदीं। हमने छत पर जाकर पड़ोसियों के पटाखों को देखा और कल्पना की कि वे हमारे लिए पटाखे जला रहे हैं।"
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सुदेश की पहली कार
अपनी पहली कार को लेकर सुदेश ने बताया, "मेरी पहली कार सेकंड-हैंड इंडिगो थी। मुझे उसका बहुत मजा आया। एक समय ऐसा भी आया जब मेरे पास मुंबई में पांच घर थे।" सुदेश ने बताया कि उनका बेटा डिजाइनर कपड़े मांगता है। उन्होंने कहा, "मुझे ये सब समझ नहीं आता, लेकिन उसे पसंद है। आखिर में, मेरे गुच्ची जूते वही पहनता है।"

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