बच्चों के जन्म लेते ही माता-पिता निस्वार्थ भाव से उनका पालन-पोषण शुरू कर देते हैं और इस सफर में उन्हें अनेक त्याग करने पड़ते हैं, जिनका अनुमान भी लगाना मुश्किल है। लेकिन असीम प्रेम व स्नेह के साथ पाले गए ये बच्चे जब बड़े होकर उस समय अपने माता-पिता को अकेला छोड़ देते हैं, जब उन्हें अपने बच्चों के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब क्या होता है? माता-पिता के प्रेम व स्नेह की इसी तरह की एक कहानी कलर्स का नया फैमिली ड्रामा ‘स्वरण घर’ लेकर आया है।
चंडीगढ़ की पृष्ठभूमि में स्थित इस कहानी में एक दंपती स्वरण और उसके पति कंवलजीत का जीवन दिखाया गया है, जिन्हें उनके बच्चे उनके हाल पर छोड़ देते हैं। ‘स्वरणघर’ का प्रसारण 28 फरवरी से कलर्स पर होगा। धारावाहिक की कहानी के मुताबिक, स्वरण एक समर्पित मां है, जिसके अस्तित्व का हर कतरा तत्परता से अपने परिवार की सेवा में लीन रहता है, वहीं कंवलजीत एक निष्ठावान पति है, जो आजीवन अपने परिवार की देखभाल करता है और उनकी हर सुख सुविधा का ख्याल रखता है। लेकिन किस्मत उन्हें एक अंधे मोड़ पर ले जाती है और कंवलजीत गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है और पूरी तरह से स्वरण पर निर्भर हो जाता है।