लोकसभा चुनावों से पहले किया था पार्टी का एलान
अभिनय का सिक्का चलाने के बाद थलापति विजय फरवरी 2024 में राजनीतिक अखाड़े में उतरे। लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी पार्टी के नाम का एलान किया था। विजय ने 02 फरवरी 2024 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की थी। उन्होंने पार्टी के नाम का एलान बेशक लोकसभा चुनावों से पहले किया, लेकिन वे तब चुनावी मैदान में नहीं उतरे थे। उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। विजय ने एक बयान जारी कर कहा था, 'हम लोकसभा चुनाव 2024 नहीं लड़ रहे हैं और हम किसी पार्टी को सपोर्ट भी नहीं करेंगे। हमने यह निर्णय सामान्य और कार्यकारी परिषद की बैठक के लिए किया है'।
लंबे वक्त से राजनीतिक नींव को कर रहे थे मजबूत
थलापति विजय 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लक्ष्य बनाकर ही राजनीति में उतरे। उन्होंने इसके लिए एक्टिंग को पूरी तरह छोड़ने का निर्णय लिया। पार्टी का एलान भले ही उन्होंने 2024 में किया, लेकिन राजनीति में आने के लिए उन्होंने तैयारी काफी वक्त पहले से शुरू कर दी थी और इसी हिसाब से अपनी नींव मजबूत कर रहे थे। 'विजय मक्कल इयक्कम' (VMI) फैन क्लब से उन्हें और सपोर्ट मिला। अभिनय से इतर थलपति विजय समाजसेवा के लिए भी जाने जाते हैं। वे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करते दिखते हैं। दिसंबर 2023 में विजय ने थूथुकुडी और तिरुनेलवेली जिलों के बाढ़ पीड़ित निवासियों की मदद की थी।
करूर रैली और भगदड़
27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में टीवीके की रैली आयोजित हुई। मगर, यहां एक हादसा हो गया। रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। विजय ने सोशल मीडिया पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों को 20-20 लाख रुपये और घायलों के लिए दो-दो लाख रुपये की मदद की घोषणा की थी। रैली में हुई इस भगदड़ को लेकर विजय के खिलाफ शिकायत दर्ज भी हुई थी। करूर में आयोजित हुई रैली में क्षमता से बहुत ज्यादा लोग जुटे। विजय तय समय से काफी देर से पहुंचे। रैली में आई भीड़ अनियंत्रित हो गई। पुलिस ने घटना के बाद टीवीके के जिला सचिव और अन्य आयोजकों के खिलाफ हत्या और लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज किया था। एफआईआर में विजय का जिक्र था, लेकिन शुरू में उन्हें सीधे आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया था। बाद में जांच सीबीआई को सौंपी गई। मामले में सीबीआई ने दिल्ली में विजय से भी पूछताछ की थी।
राजनीतिक मतभेद के चलते परिवार से विवाद
राजनीतिक पारी शुरू करने से पहले थलापति विजय अपने माता-पिता के साथ विवाद को लेकर भी सुर्खियों में रहे। परिवार के साथ उनका विवाद कथित तौर पर राजनीतिक मतेभेदों के चलते रहा। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर ने पहले ही ऑल इंडिया थलपति विजय मक्कल इयक्कम नाम से एक पार्टी बनाई थी। इसे लेकर विजय और उनके पिता के बीच मतभेद सामने आए। विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर कराया था। विजय ने पिता की गठित पार्टी से खुद को अलग करते हुए कहा था कि वे अपने पिता की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का हिस्सा नहीं बनना चाहते और न ही उनके नाम का उपयोग करने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा था कि उनके नाम का इस्तेमाल किसी चुनावी गतिविधि या भीड़ जुटाने के लिए न किया जाए। उन्होंने फैंस से भी उस पार्टी से न जुड़ने की अपील की थी।
फिल्म 'जन नायकन' में विजय थलापति
- फोटो : सोशल मीडिया
विजय की आखिरी फिल्म
फिल्म 'जन नायकन' को विजय की आखिरी फिल्म कहा जा रहा है। यूं तो यह 9 जनवरी को पोंगल के अवसर पर रिलीज होनी थी, मगर सेंसर विवाद के चलते इसकी रिलीज अटक गई। सिनेमाघरों में अटकरी रिलीज के बीच यह फिल्म 9 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लीक हो गई। इसका तमाम सितारों ने विरोध किया और नाराजगी जाहिर की। साथ ही लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे सिनेमाघरों में जाकर ही यह फिल्म देखें। अब यह फिल्म 8 मई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
विजय बने राजनीति के नए 'मास्टर'
तमाम बाधाओं को पार करते हुए और विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल करने के बाद अब थलापति विजय मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए हैं। 10 मई काे उनका शपथ ग्रहरण समारोह हुआ। अब वह प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं।