सात महीने की देरी में फिल्म में हुए बदलाव
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि अभिनेता विजय का झटककर हाथ हिलाने वाला आइकॉॉनिक सिग्नेचर स्टाइल फिल्म में शामिल किया गया है। इसके अलावा उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में सम्मानित करने वाला टाइटल कार्ड भी जोड़ा गया है। दरअसल, सात महीने की देरी का इस्तेमाल नए फुटेज जोड़ने और कई बदलाव करने के लिए किया गया।
प्रमोशनल ट्रैक में विजय का वास्तविक अंदाज
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की फिल्म 'जन नायकन' के प्रमोशनल ट्रैक 'रावण मावंडा' में विजय का जो हाव-भाव है, वह राज्य विधानसभा में उनके असल जिंदगी के एक्शन से सीधा जुड़ा हुआ लगता है। बता दें कि यह गाना अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है और बोल विवेक ने लिखे हैं। एनर्जी से भरपूर यह गाना लगभग दो मिनट का है और इसमें विजय की आखिरी फिल्म के शानदार विजुअल्स दिखाए गए हैं।
सिनेमाघरों में परिवर्तित वर्जन देखेंगे दर्शक
केवीएन प्रोडक्शंस के हेड ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म का जो वर्जन देखेंगे, वह पिछले साल सेंसर बोर्ड को सौंपे गए कट से काफी अलग होगा। फिल्म के ऑफिशियल टाइटल कार्ड में विजय को सिर्फ एक एक्टर के तौर पर नहीं, बल्कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर दिखाया गया है। फाइनल कट में उनकी पॉलिटिकल पार्टी, टीवीके का भी सीधा जिक्र है। इसके अलावा विजय का सिग्नेचर स्टाइल भी है।
सीबीएफसी ने क्या बदलाव किए?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने फिल्म में लगभग 20 सेकंड के कट लगाए हैं। 10 सेकंड के फुटेज में बदलाव किए हैं। वहीं, धार्मिक संदर्भों को म्यूट करने का आदेश दिया था। एक सूत्र के अनुसार, तमिलनाडु में इस फिल्म के लिए 3,500 से ज्यादा शो प्लान किए गए हैं। संख्या आगे बढ़ भी सकती है। फिल्म की कुल अवधि 3 घंटे 3 मिनट है।
दुनियाभर में रिलीज होगी फिल्म
फिल्म के निर्देशक एच विनोद ने एक तमिल सिनेमा पोर्टल से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह फिल्म आम कमर्शियल फिल्मों के ढर्रे से हटकर संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों को उठाती है और लोकतंत्र व सामाजिक एकता के मूल महत्व पर केंद्रित है। प्रोडक्शन हाउस ने दुनिया भर के 30 देशों और भारतीय राज्यों में लगभग 8,000 स्क्रीन्स पर फिल्म की बुकिंग की घोषणा की।
- 'जन नायकन' अनिल रविपुडी की तेलुगु फिल्म 'भगवंत केसरी' का अडैप्टेशन है।
- इसमें ममिता बैजू, बॉबी देओल और पूजा हेगड़े भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
- फिल्म को जनवरी में पोंगल के मौके पर रिलीज होना था, मगर सर्टिफिकेशन में देरी के कारण इसे टाल दिया गया था।
- सात महीने की देरी के बाद फिल्म को आखिरकार रिलीज की मंजूरी मिली और बदलावों के बावजूद इसे 'A' सर्टिफिकेट मिला।