राज्य सरकार पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएगी
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने राज्य सरकार का यह आश्वासन दर्ज किया कि यदि राज्य में फिल्म प्रदर्शित की गई तो वह सिनेमाघरों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएगी। पीठ ने कहा कि वह ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहती, जिसमें किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे और फिल्म की रिलीज रोक दी जाए, या किसी स्टैंडअप शो को रद्द कर दिया जाए या किसी कलाकार को कविता पाठ करने से रोक दिया जाए।
अड़चन डालने वालों पर सख्ती का निर्देश
जजों पीठ ने कर्नाटक सरकार से कहा कि वह फिल्म की रिलीज के लिए खतरा बनने वाले किसी भी 'विभाजनकारी तत्व' को नियंत्रित करे। राज्य सरकार के आश्वासन के बाद शीर्ष अदालत ने याचिका को यह देखते हुए क्लोज कर दिया है कि कोई दिशा-निर्देश या निर्देश देने की जरूरत नहीं है।
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भीड़ को सड़कों पर कब्जा करने की अनुमति नहीं
बीते मंगलवार 17 जून को शीर्ष अदालत ने फिल्म के कर्नाटक में रिलीज नहीं होने के चलते राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही कहा था कि भीड़ और निगरानीकर्ताओं को सड़कों पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत एम महेश रेड्डी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने कर्नाटक में फिल्म का प्रदर्शन न किए जाने को चुनौती दी थी।
क्या है फिल्म पर विवाद?
'ठग लाइफ' कर्नाटक में इसलिए रिलीज नहीं हो सकी, क्योंकि फिल्म के अभिनेता कमल हासन ने कन्नड़ भाषा पर कथित विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कन्नड़ भाषा तमिल से निकली है। इस पर विवाद खड़ा हो गया था। पहले ये मामला हाईकोर्ट पहुंचा था, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।