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कौन हैं सतीश पारासरन? विजय की ‘जन नायकन’ के लिए मद्रास हाईकोर्ट में लड़ रहे लड़ाई; कमल हासन से है कनेक्शन

Fri, 09 Jan 2026 08:47 AM IST
आराध्य त्रिपाठी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Who Is Satish Parasaran: थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ अभी भी अपने सेंसर सर्टिफिकेट के लिए मद्रास हाईकोर्ट में लटकी हुई है। अब विजय के फैंस और ‘जन नायकन’ को सिर्फ एक व्यक्ति से उम्मीदें हैं वो है सतीश पारासरन, जानिए कौन है सतीश पारासरन?
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विजय और सतीश पारासरन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की आगामी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज को लेकर अब फैंस काफी चिंतित हैं। क्योंकि फिल्म के सेंसर प्रमाणपत्र मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने अभी तक अपना फैसला नहीं सुनाया है। विजय के फैंस के लिए ये फिल्म इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि ये विजय की आखिरी फिल्म है। इसके बाद उन्होंने राजनीति में समय देने के लिए सिनेमा से संन्यास ले लिया है। इस बीच फैंस फिल्म से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट जानने के इच्छुक हैं। आज जानते हैं ‘जन नायकन’ के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस के वरिष्ठ वकील सतीश पारासरन के बारे में है। कौन है सतीश पारासरन और तमिल सिनेमा से क्या है उनका संबंध?

कमल हासन के भांजे हैं सतीश पारासरन

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सतीश पारासरन मद्रास उच्च न्यायालय में विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के पक्ष में पैरवी कर रहे हैं। सतीश पारासरन के. पारासरन के बेटे हैं, जो 1983-89 तक भारत के अटॉर्नी जनरल रहे थे। सतीश की मां सरोजा हैं। सरोजा, तमिल सुपरस्टार कमल हासन की चचेरी बहन थीं, जिससे सतीश पारासरन कमल हासन के भांजे लगते हैं। सतीश पारासरन अक्सर कमल हासन और उनके प्रोडक्शन बैनर राज कमल फिल्म्स का अदालत में प्रतिनिधित्व भी करते रहे हैं, जब भी उनकी फिल्मों को लेकर कोई समस्या खड़ी हुई है। इस साल की शुरुआत में जब कमल हासन के ‘कन्नड़ भाषा तमिल से निकली है’ वाले बयान को लेकर उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ विवादों में घिरी थी, तब भी उन्होंने ही कमल हासन की फिल्म की कर्नाटक में सुरक्षित स्क्रीनिंग के लिए पैरवी की थी। उन्होंने 2020 में 'इंडियन 2' के सेट पर हुए हादसे के सिलसिले में मद्रास हाई कोर्ट द्वारा तलब किए जाने पर भी अभिनेता का केस लड़ा था।

ऐसा होता, तो नहीं बन पाते वकील
सतीश पारासरन ने दिल्ली के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई की। एक लेख में उन्होंने लिखा कि कैसे 1991 में एक छोटी सी गलती ने उनके करियर को पटरी से उतारने की कगार पर ला दी थी। उन्होंने इसमें लिखा, ‘परीक्षा में बैठने के लिए सभी छात्रों को कॉलेज में एक फॉर्म भरना और जमा करना आवश्यक था। मैंने भी फॉर्म भरकर समय पर जमा कर दिया था। हमें परीक्षा से कुछ दिन पहले हॉल टिकट मिलना था। जब मैंने हॉल टिकट के लिए कॉलेज अधिकारियों से संपर्क किया, तो मुझे बताया गया कि परीक्षा शुल्क का भुगतान न होने के कारण मेरा फॉर्म अभी भी कार्यालय में पड़ा है।’ मामला अंततः सुलझ गया और एक साल बाद उन्होंने तमिलनाडु बार काउंसिल में वकील के रूप में पंजीकरण कराया। इस लेख में सतीश पारासरन ने एक युवा वकील के रूप में अपने अनुभव और अदालत में मिले सबक के बारे में भी लिखा।

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विजय के सपोर्ट में उतरी तमिल इंडस्ट्री
फिलहाल एच विनोथ द्वारा निर्देशित ‘जन नायकन’ आज यानी 9 जनवरी को ही सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी। लेकिन सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट न मिल पाने के कारण फिल्म की रिलीज अटक गई है। मेकर्स इस मामले को लेकर मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे हैं। लेकिन फिलहाल वहां भी अब तक इस पर कोई फैसला नहीं आया है। विजय और उनकी पार्टी टीवीके की ओर से इसे राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। तो वहीं तमिल इंडस्ट्री के बाकी कई सितारे अब विजय और उनकी फिल्म के सपोर्ट में उतर आए हैं। ऐसे में अब विजय के फैंस को सतीश पारासरन से ही सारी उम्मीदें हैं।

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