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'जन नायकन' पर मद्रास HC का फैसला सुरक्षित, 'धुरंधर 2' का उदाहरण, प्राइम वीडियो की 'धमकी'; दी गईं ये दलीलें

Tue, 20 Jan 2026 06:53 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Jana Nayagan Censor Row: टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय थलापति की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी। मगर, यह हो न सका। और, अब ये आलम है कि रिलीज से संकट के बादल छंट नहीं पा रहे हैं। सर्टिफिकेट की वजह से अटकी फिल्म की रिलीज को लेकर आज मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। जानिए मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
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विजय अभिनीत फिल्म 'जन नायकन' - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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'इन्तहा हो गई इंतजार की...', यह गाना इन दिनों फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज डेट पर सटीक बैठ रहा है। अभिनय की दुनिया से राजनीति में सक्रिय हो चुके विजय थलापति की बतौर एक्टर इस आखिरी फिल्म का उनके फैंस और दर्शक पलक पावड़े बिछाए इंतजार कर रहे हैं और रिलीज डेट है कि उसका कुछ अता-पता ही नहीं चल पा रहा। मामला सेंसर सर्टिफिकेट पर अटका हुआ है। फिल्म के मेकर्स और सेंसर बोर्ड आमने-सामने हैं। बात मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। मगर, रिलीज डेट नहीं मिल सकी। आज 20 जनवरी को इसे लेकर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। फिल्म कब रिलीज होगी, यह तो समय ही बताएगा। मगर, अब तक इस केस में क्या-क्या हुआ? पढ़िए इस रिपोर्ट में

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पोस्ट प्रोडक्शन से कोर्ट तक, क्या है पूरा मामला?
आज मंगलवार 20 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में विजय की फिल्म की रिलीज से जुड़े केस में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव, जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने इस केस की सुनवाई की। कई घंटे हुई सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीएफसी द्वारा दायर अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इसमें एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें 'जन नायकन' फिल्म को यूए प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था। फिल्म मूल रूप  से 9 जनवरी को रिलीज होनी थी। मगर सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया। इसके बाद मेकर्स ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया।
9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट के एक सिंगल जज की बेंच ने सेंसर बोर्ड का आदेश दिया कि फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट दिया जाए। बाद में मद्रास हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी। फिर, मेकर्स ने मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया है।

जन नायकन - फोटो : सोशल मीडिया
क्या प्राइम वीडियो ने दी है धमकी?
मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान ‘जन नायकन’ के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस की तरफ से एडवोकेट सतीश पारसरन ने चीफ जस्टिस को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो के मामले की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया अमेजन ने मेकर्स से कहा था कि अगर 31 दिसंबर 2025 तक फिल्म की रिलीज डेट को लेकर स्पष्टता नहीं मिली, तो वो फिल्म निर्माताओं पर केस कर देंगे। अब जब 20 जनवरी 2026 तक फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ नहीं है तो अमेजन कभी भी निर्माताओं पर केस कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोड्यूसर्स ने फिल्म पर बहुत पैसा लगाया है।

धुरंधर - फोटो : एक्स
फिल्म 'धुरंधर 2' का भी उदाहरण दिया गया
सुनवाई के दौरान मेकर्स के एडवोकेट ने फिल्म 'धुरंधर 2' का भी उदाहरण पेश किया। एडवोकेट सतीश पारसरन ने कहा कि 'जन नायकन' को 22 दूसरे देशों में मंजूरी मिल गई है। फिर भी यह फिल्म बॉलीवुड में रिलीज डेट का इंतजार कर रही हैं।
वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' की रिलीज पहले ही अनाउंस हो चुकी है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चेयरपर्सन अपने फैसले से पीछे नहीं हट सकते। बता दें कि फिल्म 'धुरंधर 2' 19 मार्च 2026 को थिएटर्स में रिलीज होगी।

क्याें दिया 'धुरंधर 2' का उदाहरण?
दरअसल, कोर्ट ने मेकर्स को सेंसर सर्टिफिकेट का इंतजार किए बिना फिल्म की रिलीज डेट अनाउंस करने पर फटकार लगाई थी। इस पर प्रोडक्शंस की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट ने यह दलील दी कि प्रोड्यूसर्स के लिए सर्टिफिकेशन मिलने से पहले रिलीज डेट अनाउंस करना आम बात है। इसी सिलसिले में उन्होंने 'धुरंधर 2' का उदाहरण दिया।
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500 करोड़ रुपये नुकसान का दावा
फिल्म की रिलीज को लेकर हो रही देरी के चलते फैंस व मेकर्स चिंतित हैं। मेकर्स ने अपनी याचिका में दलील दी है कि अगर 'जन नायकन' की रिलीज में देरी होती है तो उन्हें 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। 

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सेंसर बोर्ड की तरफ से क्या दलील दी गई?
सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) सुंदरेशन पेश हुए और अपने तर्क दिए। मेकर्स के 500 करोड़ रुपये के दावे पर सेंसर बोर्ड की तरफ से गए एएसजी ने कहा कि पहले हाई कोर्ट केस में सीबीएफसी को अपना जवाब दाखिल करने का समय नहीं दिया गया था। 6 जनवरी को भेजे गए कम्युनिकेशन को कोर्ट में कभी चुनौती नहीं दी गई। इसके अलावा कहा कि एग्जामिनेशन कमेटी द्वारा दिए गए 14 कट्स का फैसला अभी भी फाइनल नहीं है। चेयरपर्सन का इस मामले में अभी भी फैसला लेना बाकी है।

अभी छटा नहीं रिलीज से संकट!
'जन नायकन' मामले पर बहस खत्म होने के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, फिल्म की रिलीज पर अभी भी कोई तस्वीर साफ नहीं हुई है। फैसला बाद में सुनाया जाएगा। 

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