पॉवर स्टार कहे जाने वाले पवन कल्याण की फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ इन दिनो बॉक्स ऑफिस पर बनी हुई है। लेकिन ‘धुरंधर 2’ की आंधी के आगे फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं दिखा पाई। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म अभी तक सौ करोड़ के आंकड़े से भी काफी दूर है। वहीं इस फिल्म को क्रिटिक्स से भी कोई खास प्रतिक्रियाएं हासिल नहीं हुई हैं। अब फिल्म के निर्देशक हरीश शंकर ने निगेटिव रिव्यूज और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
क्रिएटिव क्रिटिक्स को स्वीकार करता हूं
एक फैन इंटरेक्शन इवेंट में निर्देशक हरीश शंकर ने ट्रोल कमेंट्स का सीधा जवाब देते हुए कहा कि ट्रोलर्स को ट्रोल करने की पूरी छूट है, लेकिन मैं क्रिएटिव क्रिटिक्स को स्वीकार करता हूं। जैसे ‘सीन ठीक से लिखा नहीं गया था’ या ‘इसे और बेहतर लिखा जा सकता था’, ‘पहला हाफ थोड़ा धीमा था’। मैं इन्हें स्वीकार करूंगा लेकिन ट्रोल की बातों को गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि उनकी पहचान, उनका ठिकाना नहीं होता। वे खुद अपनी पहचान उजागर करने में बहुत असुरक्षित महसूस करते हैं।
मुझे ट्रोल करने वालों की परवाह नहीं
निर्देशक ने आगे कहा कि अगर मैं कुछ कहता हूं, तो मैं उसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही लेता हूं। जब लोग अंधेरे में पत्थर फेंकते हैं तो बात अलग होती है। जिस तरह से मुझे ट्रोल किया गया है, मैं तो बहुत पहले ही ट्विटर छोड़ देता। मुझे ट्रोल करने वालों या चंदा इकट्ठा करने वालों की परवाह नहीं है।
सबसे पहले मुझे ट्रोल करने वाले मेरे माता-पिता थे, जब मैंने उन्हें बताया कि मैं फिल्मों में काम करना चाहता हूं। यह कोई नई बात नहीं है, जब कोई कहता है, तुम्हें क्या लगता है कि तुम निर्देशन कर सकते हो? जब वे अपशब्दों का प्रयोग करते हैं या हद पार करते हैं तो मैं उन्हें ब्लॉक कर देता हूं या उनकी शिकायत करता हूं। मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने तमाम मुश्किलों को पार करके इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज किया।