साउथ के स्टार विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज को लेकर दुविधा बनी हुई है। मामला मद्रास हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। ऐसे में मेकर्स को इस बात का डर सताने लगा है कि क्या यह फिल्म तय समय यानी 9 जनवरी को रिलीज हो पाएगी? इस मामले के बीच बड़ा अपडेट ये है कि यूनाइटेड किंगडम (यूके) में इस फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।
भारत में कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म
फिल्म 'जन नायकन' 9 जनवरी को रिलीज होने वाली है। हालांकि अब फिल्म की रिलीज सेंसरशिप की वजह से मुश्किल लग रही है। मेकर्स को उम्मीद थी कि इसे रूटीन मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की देरी की वजह से फिल्म मद्रास हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई में फंस गई।
यूके में रिलीज का रास्ता साफ
जहां भारत में 'जन नायकन' का मामला अदालत में पहुंच चुका है, वहीं ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म क्लासिफिकेशन (बीबीएफसी) ने इसे यूके में रिलीज के लिए मंजूरी दे दी है। बीबीएफसी ने 'जन नायकन' में हिंसा, सेक्सुअल वायलेंस दिखाए जाने की वजह से '15' रेटिंग दी है। बीबीएफसी की तरफ से कहा गया 'इस एक्शन थ्रिलर में, एक आदमी भ्रष्ट अधिकारियों और एक हथियार डीलर का सामना करता है जो अराजकता फैलाता है।'
जन नायकन
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या है पूरा मामला?
आपको बदा दें कि केवीएन प्रोडक्शंस ने मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट में सर्टिफिकेशन प्रोसेस को तेज करने के लिए एक याचिका दायर की थी। उन्हें 5 जनवरी को एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया था कि फिल्म को एक जांच कमेटी के पास भेज दिया गया है। यह तब हुआ जब सीबीएफसी ने दावा किया कि उन्हें एक शिकायत मिली है, जिसमें कहा गया है कि फिल्म 'धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।'
अदालत ने सेंसर बोर्ड से मांगा जवाब
फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि सेंसर बोर्ड ने 19 दिसंबर, 2025 को फिल्म देख ली थी और मौखिक रूप से बताया था कि इसे यूए 16+ सर्टिफिकेट दिया जाएगा। मेकर्स ने कट्स और बदलावों का भी पालन किया था। कोर्ट ने सेंसर बोर्ड से देरी की वजह पूछी है। अदालत ने 9 जनवरी को फिल्म रिलीज करने की मेकर्स की जल्दबाजी पर भी सवाल उठाया है। प्रोड्यूसर्स ने कोर्ट को बताया कि उनके 500 करोड़ रुपये दांव पर लगे हैं।