राज्य और केंद्र सरकार से की यह मांग
जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देने की भी मांग की है कि वे ऑनलाइन फिल्म समीक्षकों के लिए दिशानिर्देश तैयार करें ताकि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब चैनल, एक्स हैंडल और फेसबुक पेज पर नई फिल्मों की समीक्षा करते समय इसका पालन कर सकें।
हालिया रिलीज फिल्मों के खराब प्रदर्शन ने किया सचेत
यह याचिका ऐसे समय में दायर की गई है जब बड़े बजट की तमिल फिल्में कथित तौर पर फिल्मों की रिलीज के तुरंत बाद ऑनलाइन दिखाई देने वाली नकारात्मक समीक्षाओं के कारण विफल हो रही हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सूर्या की हालिया रिलीज फिल्म 'कंगुवा' है। सूर्या की फिल्म 'कंगुवा' नकारात्मक ऑनलाइन समीक्षाओं के कारण बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती दिखाई दी थी। इसके चलते फिल्म इंडस्ट्री में किसी फिल्म की रिलीज के तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन फिल्म समीक्षा पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठी ताकि फिल्म निर्माताओं को भारी नुकसान न उठाना पड़े।
टीएनपीसी ने भी जारी किया था बयान
वहीं, 20 नवंबर को, तमिलनाडु प्रोड्यूसर्स काउंसिल (टीएनपीसी) ने एक बयान जारी कर थिएटर मालिकों से फिल्म स्क्रीनिंग के बाद थिएटर परिसर के अंदर वीडियो रिव्यू और पब्लिक रिव्यू रिकॉर्ड करने वाले यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध लगाने को कहा। 2024 में रिलीज होने वाली फिल्मों 'कंगुवा', 'इंडियन 2' और 'वेट्टैयन' को मिले विरोध के बारे में बात करते हुए, एसोसिएशन ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग हो रहा है जो फिल्म समीक्षाओं की आड़ में निर्देशकों और निर्माताओं के खिलाफ 'व्यक्तिगत नफरत' को बढ़ावा देता है।
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