गुरुवार को तेलुगु फिल्म वर्कर्स ने अपनी हड़ताल खत्म की, वेतन बढ़ोतरी के समझौते पर यह हड़ताल खत्म हुई। इसके अलावा भी वर्कर्स की कुछ अन्य मांगों को माना गया है। हड़ताल खत्म करने का फैसला प्रोड्यूसर्स के साथ समझौता होने के बाद लिया गया। यह समझौता राज्य श्रम विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ।
30 प्रतिशन वेतन बढ़ोतरी पर खत्म हुई हड़ताल
पीटीआई को श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गंगाधर ने बताया कि वर्कर्स फेडरेशन ने पिछले तीन साल में 30 प्रतिशत वेतन बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि पहले हुई बातचीत में कोई रास्ता नहीं निकला, जिसके बाद विभाग को इस मामले में दखल देना पड़ा। आखिरकार दोनों पक्ष 22.5 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी पर सहमत हो गए हैं।
गंगाधर ने यह भी बताया कि पिछले तीन साल के लिए 15 प्रतिशत, 2.5 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कम वेतन वाले वर्कर्स के लिए लागू की जाएगी।
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हड़ताल के कारण ठप था शूटिंग का काम
तेलुगु फिल्म वर्कर्स की हड़ताल 4 अगस्त से शुरू हुई थी, इस कारण कई फिल्मों की शूटिंग ठप हो गई थी। वर्कर्स हर साल 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे, जो इस साल भी होनी थी। लेकिन पिछले चार महीनों से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। तेलुगु फिल्म वर्कर्स के लीडर एलेक्जेंडर ने पहले कहा था कि उनकी मांग 30 प्रतिशत की एक बार में नहीं, बल्कि हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की है।
फिल्म चैंबर के सेक्रेटी का दावा- अन्य राज्यों से ज्यादा वेतन मिलता है
दूसरी तरफ तेलुगु फिल्म चैंबर के सेक्रेटी दामोदर प्रसाद ने कहा था कि वर्कर्स ने एकतरफा फैसला लिया है। वे लोग बस उन्हीं प्रोड्यूसर्स के लिए काम कर रहे हैं, जो बढ़ा हुआ वेतन दे रहे थे, जबकि इस मुद्दे पर बातचीत जारी थी दामोदर प्रसाद का यह भी कहना है कि तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री अन्य राज्यों की तुलना में पहले से ही वर्कर्स को ज्यादा वेतन देती है।