तेलुगु अभिनेत्री श्रीलीला इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ को लेकर चर्चाओं में हैं। इस फिल्म में वो पवन कल्याण के साथ नजर आई हैं। इस बीच श्रीलीला ने ट्रोलिंग को लेकर बात की और बताया कि ट्रोलिंग से उन पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने ये भी बताया कि आखिर क्यों उन्होंने फिल्में छोड़ने तक का प्लान भी बना लिया था?
पहले ट्रोलिंग करती थी परेशान
सुमा कनकवाला के 'चैट शो द रील फ्लेवर' में श्रीलीला ने ट्रोलिंग को लेकर बात की। उनसे पूछा गया कि क्या ट्रोलिंग उन्हें परेशान करती है? इस पर एक्ट्रेस ने कहा कि जब मैंने इस इंडस्ट्री में शुरुआत की थी, तब तो करती थी।
मुझे बहुत बुरा लगता था, मैं रोती थी। मैंने अपनी मां से भी कहा था, मुझे नहीं लगता कि मैं यह कर पाऊंगी। क्या मुझे वापस स्कूल या कॉलेज जाना चाहिए? मैं बहुत संवेदनशील थी, लेकिन अब मुझे इसकी परवाह नहीं है।
आजकल के लोगों में ज्यादा बुद्धि होती है
श्रीलीला ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि आजकल लोगों में अपनी बुद्धि होती है। इसलिए, निगेटिविटी देखने पर भी वे थोड़ा सोचते हैं। आजकल के लोगों में पहले से ज्यादा बुद्धि होती है। इसलिए वो ज्यादा ही सोचते हैं।