अस्सिटेंट डायरेक्टर बनकर फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा
आगे चलकर ऋषभ ने फिल्म लाइन में आने का पूरी तरह से मन बना लिया। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में क्लैप बॉय, स्पॉट बॉय और अस्सिटेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इसी दौरान ऋषभ शेट्टी की मुलाकात रक्षित शेट्टी से हुई। दोनों अच्छे दोस्त बन गए। रक्षित ने आगे चलकर ऋषभ को अपनी फिल्म में अभिनय करने का मौका दिया।
एक्टिंग के जरिए बना ली अलग पहचान
ऋषभ शेट्टी हमेशा से एक्टिंग करना चाहते थे। ऐसे में जब वह अस्सिटेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे तो फिल्म ‘तुगलक(2012)’ में उन्हें एक छोटा रोल करने को मिला। इसके बाद रक्षित शेट्टी ने अपनी डायरेक्टेड फिल्म में ऋषभ को एक अहम रोल दिया। एक्टिंग में धीरे-धीरे ऋषभ ने अपने लिए पहचान बना ली। फिर उन्हें मिली फिल्म ‘बेल बॉटम(2019)’, इस फिल्म में लीड रोल में वह नजर आए। इसके बाद वह फिल्म ‘गरुड़ गमना वृषभ वाहना (2021)’ दिखे। इस फिल्म में भी वह खूब पसंद किए गए। इसके बाद भी कई फिल्मों में ऋषभ एक्टिंग करते नजर आए।
डायरेक्टर के तौर पर बनाई चर्चित फिल्में
अभिनेता के तौर ऋषभ शेट्टी को पहचान मिल गई तो उन्होंने डायरेक्शन के अपने सपने को पूरा करने का सोचा। ऋषभ की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘रिकी’ थी, फिर उन्होंने ‘किरकी पार्टी’ बनाई। इसके बाद ‘कासरगोडु कोडुगे: रमन्ना राय’ जैसी उम्दा फिल्म बनाई।
साल 2022 में फिल्म ‘कांतारा’ डायरेक्ट करके ऋषभ देश भर में मशहूर हो गए। इस फिल्म में लीड रोल भी उन्होंने ही निभाया। फिल्म महज 16 करोड़ के बजट में बनी और बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ से अधिक की कमाई की। ‘कांतारा’ फिल्म में तुलु प्रदेश के लोक देवताओं की कहानी को एक खास संदेश के साथ दिखाया गया। फिल्म में जिस तरह से उस प्रदेश विशेष की संस्कृति, लोक कथाओं और मान्यताओं को दिखाया गया, वह अनुभव दर्शकों के लिए नया और कभी ना भूलने वाला रहा। 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर और पॉपुलर फिल्म का अवॉर्ड भी 'कांतारा' को मिला। अब ऋषभ फिल्म ‘कांतारा’ का दूसरा पार्ट बना रहे हैं।
कांतारा के लिए बदली अपनी जीवनशैली
फिल्म ‘कांतारा’ में लोक देवताओं से जुड़े प्रसंग थे तो ऋषभ ने बहुत सी बातों का ध्यान रखा। उन्होंने फिल्म शुरू करने से पहले नॉन वेज खाना छोड़ दिया। वह जब फिल्म में लोक देवता का रूप धारण करते थे तो बस नारियल पानी ही पीते थे। फिल्म ‘कांतारा’ के दौरान ही ऋषभ की पीठ आग से जल भी गई थी। दरअसल, एक सीन में उन्हें आग लगी लकड़ी से पीटा जाता है, इस कारण उनकी पीठ जली थी। इस फिल्म का आइडिया डायरेक्टर, एक्टर ऋषभ को काेविड लॉकडाउन के दौरान आया था।