सरकार को प्रकाश राज ने दी हिदायत
प्रकाश राज आगे कहते हैं, ‘एक बात और है, हमारी भी जिम्मेदारी बनती है क्योंकि हमने ही उन बच्चों को दुखी और बेबस बनाया है। उन्होंने खराब सिस्टम की वजह से दूसरे बच्चों को मरते देखा है और सिस्टम से उम्मीद खो दी है। जब उन पर लाठियां और पैलेट गन चलाई गईं और पुलिस ने ज्यादती की तो हमें भी कुछ जिम्मेदारी लेनी चाहिए, फ्रेंड। तो फ्रेंड, कृपया उनसे बस इतना कहिए कि वो दोबारा ऐसा न करें और अपनी गलती सुधारें। वरना क्या होगा कि जब आप इन बच्चों को चोट पहुंचाते हैं और उन्हें निशाना बनाते हैं, तो उनके दोस्तों को भी दुख होगा। जिन माता-पिता ने उन्हें पाला-पोसा है, उन्हें दुख होगा। उनके भाई-बहनों को दुख होगा। उनके चाचा-चाची और दादा-दादी, सभी को दुख होगा। यह अच्छी बात नहीं है। अगर ऐसा ही चलता रहा, दोस्त, तो आज बच्चे इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। बस इतना ही। लेकिन देश, माता-पिता और पूरा समाज शायद इस्तीफे की मांग न करे, बल्कि आपको सत्ता से भी हटा सकता है। तो फ्रेंड, बच्चों के प्रति दयालु बनें। उनके करियर और जिंदगी को बर्बाद न करें। उन्हें दोबारा सदमे में न डालें। बस इतना ही कहना है, फ्रेंड।’