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विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ टली; एक्सपर्ट्स से जानें कैसे 250 स्क्रीन पलट देंगी ‘द राजा साब’ की ओपनिंग

सार

The Raja Saab Vs Jana Nayagan: प्रभास की ‘द राजा साब’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। लेकिन विजय थलापति की ‘जन नायकन’ की रिलीज टल गई है। जानिए अब ‘जन नायकन’ के टलने से ‘द राजा साब’ को क्या फायदा मिलेगा…
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द राजा साब और जन नायकन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विजय थलापति की फिल्म ‘जन नायकन’ के अचानक पोस्टपोन होने के बाद साउथ इंडियन बॉक्स ऑफिस का समीकरण बदलता नजर आ रहा है। जिस मुकाबले को पहले थलपति विजय और प्रभास के बीच सीधी टक्कर माना जा रहा था, वह अब एकतरफा होता दिख रहा है। ट्रेड और एग्जीबिटर्स का मानना है कि इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा सीधे ‘द राजा साब’ को मिल रहा है और फिल्म की ओपनिंग को लेकर माहौल पहले से बिल्कुल अलग हो चुका है।

अब पूरा फायदा एक ही फिल्म को मिल रहा है

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साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने ट्रेड एक्सपर्ट रमेश बाला ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘जन नायकन’ के हटते ही ‘द राजा साब’ के लिए हालात पूरी तरह बदल गए हैं। पहले जहां दोनों फिल्मों के बीच बराबरी की टक्कर मानी जा रही थी, अब पूरा फायदा एक ही फिल्म को मिल रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘द राजा साब’ अब पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा बड़ी और मजबूत ओपनिंग की ओर बढ़ रही है। थिएटर लेवल पर साफ दिख रहा है कि तेलुगु राज्यों के साथ-साथ बेंगलुरु, तमिलनाडु और ओवरसीज मार्केट्स में भी एग्जीबिटर्स का भरोसा इस फिल्म पर बढ़ा है।

250 से ज्यादा अतिरिक्त स्क्रीन का सीधा असर ओपनिंग पर
रमेश बाला ने आगे कहा, 'हर जगह स्क्रीन और शो बढ़ाए जा रहे हैं और ओपनिंग को लेकर कॉन्फिडेंस लगातार ऊपर जा रहा है। जमीनी स्तर पर स्थिति यह है कि ‘जन नायकन’ के पोस्टपोन होते ही ‘द राजा साब’ ने अलग-अलग बाजारों में करीब 250 अतिरिक्त स्क्रीन हासिल कर ली हैं। किसी भी बड़ी फिल्म के लिए इतना बड़ा स्क्रीन जंप शुरुआती कलेक्शन पर सीधा असर डालता है। ज्यादा स्क्रीन का मतलब ज्यादा शो और इसका सीधा फायदा यह है कि ऑडियंस को हर जगह ‘द राजा साब’ ही देखने को मिल रही है। इसी वजह से ट्रेड ओपनिंग को लेकर काफी पॉजिटिव है।'

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द राजा साहब - फोटो : इंस्टाग्राम- @actorprabhas

तमिलनाडु में ‘द राजा साब’ को बड़ा मौका
ट्रेड एक्सपर्ट ने तमिलनाडु के बदले हालात पर बात करते हुए कहा कि आमतौर पर तमिलनाडु थलपति विजय का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। ‘जन नायकन’ के रिलीज से बाहर होने के बाद वहां जो खाली जगह बनी है, वह ‘द राजा साब’ के लिए बड़ा मौका बन गई है। प्रभास को वहां पहले के मुकाबले बेहतर ट्रैक्शन मिल रहा है और थिएटर मालिक भी ज्यादा शो देने में सहज नजर आ रहे हैं। जब ऑडियंस के सामने ऑप्शन कम होते हैं, तो फिल्म को उसका सीधा फायदा मिलता है।
वर्ड ऑफ माउथ को लेकर ट्रेड एक्सपर्ट का कहना है कि कम कॉम्पिटिशन का असर शुरुआती कुछ दिनों के बाद साफ दिखता है। अगर फिल्म का कंटेंट ऑडियंस को पसंद आ गया, तो पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ तेजी से फैलता है। ऐसे में ऑडियंस दूसरी फिल्मों से तुलना करने के बजाय उसी फिल्म पर टिकी रहती है, जो लंबे रन में बॉक्स ऑफिस को मजबूत बनाती है।

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जन नायकन - फोटो : यूट्यूब

किसी ने नहीं सोचा था कि ‘जन नायकन’ टल जाएगी
ग्राउंड लेवल से भी इसी तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जीके सिनेमाज के मालिक रूबेन मथिवानन ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि ‘जन नायकन’ आखिरी समय पर पोस्टपोन हो जाएगी। सेंसर की प्रक्रिया आमतौर पर रूटीन होती है, इसलिए सभी को भरोसा था कि फिल्म समय पर रिलीज होगी। यह पूरे ट्रेड के लिए अचानक और चौंकाने वाला फैसला रहा। हम आमतौर पर सेंसर सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही एडवांस बुकिंग शुरू करते हैं, ताकि शो टाइमिंग और शेड्यूल साफ हो सके। हालांकि, इसमें कोई शक नहीं कि अगर थलपति विजय की फिल्म रिलीज होती, तो उसकी एडवांस बुकिंग हमेशा की तरह काफी ऊंचे स्तर पर जाती।'
अब ऑडियंस और थिएटर मालिकों की उम्मीदें ‘द राजा साब’ और ‘पराशक्ति’ जैसी फिल्मों पर आ गई हैं, क्योंकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि ‘जन नायकन’ कब रिलीज होगी। ओवरसीज मार्केट में अगर कोई स्टार थलपति विजय को चुनौती दे सकता है, तो वह सिर्फ प्रभास हैं। ऐसे में ‘जन नायकन’ का पोस्टपोन होना ‘द राजा साब’ के लिए सीधा और बड़ा फायदा बन गया है।'

आज ही रिलीज होनी थी ‘जन नायकन’
विजय थलापति की ‘जन नायकन’ आज यानी 9 जनवरी रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसकी रिलीज टल गई है। यह तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। इसके बाद विजय थलापति फिल्मों से दूरी बनाकर तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे।

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