मशहूर शेफ और टेलीविजन हस्ती डॉ. के. दामोदरन का आज निधन हो गया है। वह 72 वर्ष के थे। उन्हें 'शेफ दामू' के नाम से जाना जाता था। शेफ दामू तमिल टेलीविजन पर अपने कुकिंग शो के जरिए घर-घर में पहचाने गए। 3 सितंबर 1954 को तमिलनाडु में जन्मे दामोदरन को खाना पकाने का ऐसा शौक था, जो आगे चलकर हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में एक बेहतरीन करियर में बदल गया।
आसान भाषा में पकवानों के बारे में बताया
दामोदरन ने 2004 में मद्रास विश्वविद्यालय से होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी में पीएचडी की डिग्री हासिल की। शेफ दामू तमिल टेलीविजन पर अपने कुकिंग शो के जरिए घर-घर में पहचाने गए। पकवानों की विधि को आसान तरीके से समझाने की उनकी खूबी ने इस कला को दर्शकों तक पहुंचाने में मदद की।
दामोदरन
- फोटो : सोशल मीडिया
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
दामोदरन को टीवी शो 'कुकु विद कोमाली' में जज के रूप में भी काफी पहचान मिली। यहां उनकी विशेषज्ञता और हास्य-विनोद ने उन्हें एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया। उनकी पाक कला से जुड़ी उपलब्धियां केवल टीवी तक ही सीमित नहीं थीं। दिसंबर 2010 में, उन्होंने 24 घंटे 30 मिनट और 12 सेकंड तक लगातार खाना पकाकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज कराया।
पद्म श्री से सम्मानित हुए शेफ
दामोदरन ने कुकबुक भी लिखीं। पाक कला से जुड़ी कार्यशालाएं आयोजित कीं। नए शेफ को प्रशिक्षित किया, जिससे भारत की विविध खाद्य परंपराओं को बढ़ावा मिला। पाक विज्ञान और पाक कला में उनके योगदान को देखते हुए, भारत सरकार ने उन्हें 2025 में 'पद्म श्री' से सम्मानित किया। यह पुरस्कार भारतीय व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने और पाक कला के पेशेवर ज्ञान को दर्शकों तक पहुंचाने में उनके काम को मान्यता देता है।