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सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर रिलीज होगी सामंथा की ‘मां इंटी बंगारम’, जानें कब और कहांं देख सकेंगे फिल्म

Tue, 14 Jul 2026 02:44 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Maa Inti Bangaaram Ott Release Date: सामंथा रुथ प्रभु की 100 करोड़ी फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ ओटीटी पर दस्तक देने को तैयार है। जानिए कब और कहां स्ट्रीम करेगी फिल्म…
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मां इंटी बंगारम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सामंथा रुथ प्रभु की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मां इंटी बंगारम' सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर आने को तैयार है। फिल्म 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में 100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है। यह फिल्म महिलाओं के लीड रोल वाली पहली तेलुगु फिल्म बन गई है, जिसने यह मुकाम हासिल किया है। यह फिल्म जल्द ही ओटीटी पर आएगी।

17 जुलाई से ओटीटी पर स्ट्रीम करेगी फिल्म

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‘मां इंटी बंगाराम’ अपनी रिलीज के 28 दिन बाद 17 जुलाई से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। घोषणा करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म ने लिखा, '17 जुलाई को बस देखते जाओ हम उन सभी को बुरी तरह हरा देंगे। प्यार से, मेरे दोस्त। ‘मां इंटी बंगाराम’ 17 जुलाई से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग करेंगी।’




हालांकि, घोषणा में यह नहीं बताया गया कि फिल्म तेलुगु के अलावा किन भाषाओं में स्ट्रीम होगी, फिर भी कई लोगों को यह जानने की उत्सुकता थी कि क्या यह हिंदी में भी उपलब्ध होगी। जियोहॉटस्टार वेबसाइट के अनुसार, 'मां इंटी बंगारम' हिंदी में रिलीज नहीं होगी, लेकिन तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में उपलब्ध होगी।
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फिल्म 'मां इंटी बंगारम' - फोटो : सोशल मीडिया
ऐसी है फिल्म की कहानी
'मां इंटी बंगारम' का निर्देशन नंदिनी रेड्डी ने किया है, इसे राज निदिमोरू ने बनाया है। फिल्म में समांथा मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही गुलशन देवैया, मंजूषा मुक्काविल्ली, दिगंत मंचले, श्रीमुखी, गौतमी और अन्य कलाकार भी हैं।

इसका संगीत संतोष नारायणन ने तैयार किया है। फिल्म की कहानी स्वर्ण (समांथा) की है, जो शादी के दो साल बाद पहली बार अपने पति अनिरुद्ध (दिगंत) के परिवार से मिलने जाती है।

जब वह परिवार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही होती है, ठीक वैसे ही जैसे उनकी दूसरी बहू अनुसूया (श्रीमुखी) ने किया था। तभी उसके अतीत से जुड़ी समस्याएं करुणा (गुलशन) के रूप में सामने आती हैं।

स्वर्ण यह पक्का करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करती है कि उसके नए परिवार को उसके हिंसक अतीत के बारे में कुछ भी पता न चले, भले ही इसके लिए उसे खुद भी हिंसा का सहारा क्यों न लेना पड़े।
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