रेणुकास्वामी हत्याकांड के मुख्य आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा के केस में नया मोड़ आया है। कर्नाटक सरकार ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, पवित्रा गौड़ा और पांच अन्य को जमानत दिए जाने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दर्शन को 11 जून, 2024 को अपने प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिस पर उसी साल 8 जून को कथित तौर पर पवित्रा गौड़ा को अश्लील संदेश भेजने का आरोप था।
इस वजह से किया गया ट्रांसफर
जमानत दिए जाने से पहले अभिनेता को बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में रखा गया था, लेकिन जब जेल के कुछ अन्य कैदियों के साथ आराम करते हुए उनकी एक तस्वीर वायरल हुई, तो उन्हें बल्लारी सेंट्रल जेल में ट्रांसफर कर दिया गया। राज्य ने 6 जनवरी को जमानत दिए जाने के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया।
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चिकित्सा आधार पर दर्शन को दी थी अंतरिम जमानत
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दर्शन के आदेश पर हमला किए जाने के बाद रेणुकास्वामी की मृत्यु हो गई। अभिनेता ने अपने प्रशंसकों से सोशल मीडिया पर पवित्रा गौड़ा के बारे में अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट करने के लिए रेणुकास्वामी को घेरने और उनका अपहरण करने का आग्रह किया था। कर्नाटक हाई कोर्ट ने 30 अक्टूबर, 2024 को छह सप्ताह के लिए चिकित्सा आधार पर दर्शन को अंतरिम जमानत दी, लेकिन दिसंबर में उन्हें और अन्य को नियमित जमानत दी।
अभिनेता के अलावा और 15 लोगों को किया गया गिरफ्तार
दर्शन को पहली बार अक्तूबर में चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि उन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी है, जिसके लिए तत्काल सर्जरी की आवश्यकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण अपेक्षित सर्जरी में देरी हुई। बता दें कि दर्शन थुगुदीपा, पवित्रा गौड़ा और 15 अन्य को मामले में गिरफ्तार किया गया। सभी जून के महीने से जेल में हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों को जमानत दे दी थी।