फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

KSIC: मलयालम फिल्म उद्योग में लैंगिक भेदभाव कितना सच कितना झूठ? हेमा समिति की रिपोर्ट से खुलेगी पोल

Sun, 07 Jul 2024 01:11 AM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

केरल राज्य सूचना आयोग ने शनिवार को न्यायमूर्ति के हेमा समिति की रिपोर्ट जारी करने का आदेश दिया, जिसने मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के सामने आने वाले मुद्दों का अध्ययन किया था। 
विज्ञापन
फेसबुक @sajicheriancpim - फोटो : फेसबुक @sajicheriancpim
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल राज्य सूचना आयोग ने शनिवार को न्यायमूर्ति के हेमा समिति की रिपोर्ट जारी करने का आदेश दिया, जिसने मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के सामने आने वाले मुद्दों का अध्ययन किया था। राज्य सूचना आयुक्त ए अब्दुल हकीम ने राज्य लोक सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) को यह सुनिश्चित करते हुए सूचना का उचित प्रसार करने का निर्देश दिया कि यह व्यक्तियों की गोपनीयता से समझौता नहीं करता है।

विज्ञापन

राज्य सूचना आयुक्त का आदेश

आदेश में कहा गया है, 'जस्टिस के हेमा समिति की रिपोर्ट की सत्यापित प्रतियां प्रदान करते समय, एसपीआईओ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामग्री उक्त रिपोर्ट में संदर्भित व्यक्तियों की पहचान को प्रभावित न करे या उनकी गोपनीयता से समझौता न करे।' हालांकि, सूचना आयुक्त ने अपने आदेश में एसपीआईओ को पृष्ठ 49 पर मौजूद अनुच्छेद 96 और पृष्ठ 81 से 100 तक अनुच्छेद 165 से 196 के विवरण का खुलासा नहीं करने के लिए कहा। इसने एसपीआईओ को 26 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा।

रिपोर्ट में हो सकती है संवेदनशील जानकारी 

मलयालम सिनेमा में यौन उत्पीड़न और लैंगिक असमानता के मुद्दों का अध्ययन करने के लिए अभिनेता दिलीप से जुड़े साल 2017 के अभिनेत्री उत्पीड़न मामले के बाद समिति का गठन किया गया था। भले ही रिपोर्ट 2019 में दर्ज की गई थी, लेकिन सरकार ने अभी तक विवरण जारी नहीं किया है क्योंकि इसमें संवेदनशील जानकारी होने का संदेह था। इस बीच, राज्य के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने शनिवार को कहा कि सरकार आदेश का अध्ययन करेगी और उसके अनुसार रिपोर्ट जारी करेगी। 

Javed Akhtar: 'आपके परिवार ने ब्रिटिश सरकार के जूते चाटे...', गद्दार का बेटा कहे जाने पर भड़के जावेद अख्तर

राज्य के संस्कृति मंत्री का बयान

साजी चेरियन ने कहा, 'समिति की रिपोर्ट में किसी विशेष नाम का उल्लेख नहीं किया गया है और केवल कुछ संदेहों और परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है। हम मौजूदा कानूनों के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं कर सकते हैं। अगर कोई समिति की रिपोर्ट से व्यथित महसूस करता है, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कानूनी तौर पर आगे बढ़ सकता है।' चेरियन ने कहा, 'सरकार ने सभी मुद्दों पर विचार किया है और ऐसे सभी मामलों पर चर्चा के लिए मानसून के बाद दो दिवसीय सिनेमा सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।'

Mirzapur Season 3 Review: घुटने टेकते ही खत्म हुआ मिर्जापुर में पूरब का भौकाल, शेमारू ऐप जैसी बनकर रह गई सीरीज
विज्ञापन

जमानत पर बाहर आ चुके हैं दिलीप 

तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री-पीड़ित को 17 फरवरी, 2017 की रात कथित तौर पर कुछ आरोपियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था और उनकी कार में दो घंटे तक उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी जबरन वाहन में घुस गए थे और बाद में भाग गए थे। कुछ आरोपियों ने अभिनेत्री को ब्लैकमेल करने के लिए इस पूरे कृत्य को फिल्माया था। मामले में 10 आरोपी हैं। मामले में आठवें आरोपी दिलीप को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। 

Akshay Kumar: अक्षय कुमार की दरियादिली ने जीते दिल, आर्थिक तंगी से जूझ रही पंजाबी गायिका को भेजे 25 लाख रुपये
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें