फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

M M Keeravani: गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास, जानें कौन हैं नाटू-नाटू के कंपोजर एमएम कीरावानी

Wed, 11 Jan 2023 08:35 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

नाटू-नाटू गाने को एम एम कीरावानी ने कंपोज किया है। उनका पूरा नाम कोडुरी मराकथामनी कीरावानी है। 61 साल के कीरावानी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
एम एम कीरावानी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय फिल्म आरआरआर की चर्चा इस समय पूरी दुनिया में हो रही है। राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म के गाने 'नाटू-नाटू' ने बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग का गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। 80वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड समारोह में यह उपलब्धि हासिल करके इस फिल्म ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर दिया है। नाटू-नाटू गाना साउथ सुपरस्टार राम चरण और जूनियर एनटीआर पर फिल्माया गया है। भारत के बाद अब यह गाना दूसरे देशों में भी तहलका मचा रहा है। इस गाने को अवॉर्ड मिलने के बाद हर कोई नाटू-नाटू को बनाने वाले कंपोजर के बारे में जानना चाहता है। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो चलिए आपको इस गाने के कंपोजर के बारे में बताते हैं।

विज्ञापन

Phir Aayi Haseen Dillruba: लोगों को घायल करने लौट रही 'हसीन दिलरुबा', पोस्टर में दिखा तापसी का कातिलाना अंदाज

Trending Videos

एम एम कीरावानी - फोटो : सोशल मीडिया
साउथ इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं एम एम कीरावानी
नाटू-नाटू गाने को एम एम कीरावानी ने कंपोज किया है। उनका पूरा नाम कोडुरी मराकथामनी कीरावानी है। 61 साल के कीरावानी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। वह एक संगीत से जुड़े परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कोडुरी शिव शक्ति दत्ता गीतकार के साथ पटकथा लेखक और उनकी मां प्लेबैक सिंगर हैं। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कीरावानी एक बड़ा नाम हैं। 
Pathaan: 'पठान' का ट्रेलर देख एटली भी रह गए हैरान, शाहरुख खान के लिए कह दी यह बड़ी बात
विज्ञापन

एम एम कीरावानी - फोटो : सोशल मीडिया
कई बड़े पुरस्कार कर चुके हैं अपने नाम
कीरावानी ने अपने करियर की शुरुआत 1987 में संगीतकार के चक्रवर्ती और सी राजमणि के सहायक के रूप में की थी। बतौर संगीतकार उनकी पहली फिल्म मनसु ममता (1990) थी, हालांकि राम गोपाल वर्मा की तेलुगु थ्रिलर क्षण क्षणम से उन्हें लोकप्रियता हासिल हुई। अपने करियर में उन्होंने तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और हिंदी भाषा की कई फिल्मों में संगीत दिया है। बॉलीवुड में उन्होंने जिस्म, रोग, पहेली, जख्म और सुर जैसी फिल्मों में संगीत दिया है, जिनके गाने आज भी लोग सुनना पसंद करते हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीतने से पहले वह कई अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। साल 1997 में वह तेलुगू फिल्म 'अन्नमय्या' के लिए सर्वश्रेष्ठ म्यूजिक डायरेक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीत चुके हैं। इसके अलावा वह सात बार फिल्मफेयर अवॉर्ड और 11 बार नंदी अवॉर्ड भी जीत चुके हैं।
TV Actress Bold Scene: जब टीवी की इन संस्कारी बहुओं का ओटीटी पर दिखा बोल्ड अवतार, इंटिमेट सीन्स देख छूटे पसीने
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें