दक्षिण भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री से एक दुखद खबर आ रही है। तेलंगाना के प्रसिद्ध लोक गायक और गीतकार गदर का आज यानी 6 अगस्त को निधन हो गया है। गदर के निधन के पीछे उनका पिछले काफी समय से चला आ रहा खराब स्वास्थ्य बताया जा रहा है। प्रसिद्ध गायक ने 77 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। वह 1980 के दशक के दौरान और बाद में तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान अपने क्रांतिकारी गीतों के लिए लोकप्रिय थे। उनके निधन ने पूरी इंडस्ट्री को शोकाकुल कर दिया है।
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ये बनी निधन की वजह
गुम्मदी विट्ठल राव उर्फ गदर का रविवार यानी आज, बढ़ती उम्र के चलते फेफड़ों और मूत्र संबंधी समस्याओं के कारण अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल में निधन हो गया। वह गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थे और उन्हें 20 जुलाई को भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने अपने एक बयान में कहा कि 3 अगस्त को उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी और वह ठीक हो गए थे। लेकिन, उन्हें फेफड़े और मूत्र संबंधी समस्याओं की भी परेशानी थी, जो बढ़ती उम्र के साथ काफी बढ़ गई और उनके निधन का कारण बनी।
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राहुल गांधी के जताया दुख
मशहूर गायक गदर के निधन ने सभी को गमगीन कर दिया है। सिनेमा जगत से जुड़ी हस्तियों के साथ ही बड़े-बड़े राजनेता भी उनके निधन पर शोक जता रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गदर के निधन पर दुख जताया है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'तेलंगाना के प्रतिष्ठित कवि, गीतकार और उग्र कार्यकर्ता श्री गुम्मादी विट्ठल राव के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। तेलंगाना के लोगों के प्रति उनके प्यार ने उन्हें हाशिए पर मौजूद लोगों के लिए अथक संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। उनकी विरासत हम सभी को प्रेरित करती रहेगी।'
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पहले नक्सली थे गदर
बता दें गदर, 2 जुलाई को तेलंगाना के खम्मम में राहुल गांधी द्वारा संबोधित कांग्रेस की एक सार्वजनिक बैठक में शामिल हुए थे। केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी, टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और कई अन्य नेताओं ने भी गायक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। गायक बनने से पहले गदर एक नक्सली थे, जिन्होंने जंगलों सहित भूमिगत जीवन व्यतीत किया था। साल 2018 में गदर ने विधानसभा चुनाव में अपने जीवन में पहली बार मतदान किया था।
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