मौलाना ने लगाए गंभीर आरोप
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने फतवे में कहा कि विजय ने अपनी फिल्मों और हाल के इफ्तार आयोजन के जरिए मुस्लिम समुदाय का अपमान किया है। उन्होंने विजय की 2022 की फिल्म 'बीस्ट' का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय को आतंकवाद और उग्रवाद से जोड़ा गया था। मौलाना ने कहा, "विजय ने अपनी फिल्मों में मुस्लिमों को 'राक्षस' और 'शैतान' की तरह दिखाया। अब राजनीति में उतरने के लिए वह मुस्लिम समुदाय के प्रति प्रेम दिखा रहे हैं, जो सिर्फ वोट हासिल करने की रणनीति है।"
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इफ्तार पार्टी पर उठाए सवाल
इफ्तार पार्टी पर पहले भी हो चुकी है शिकायत
विजय की इफ्तार पार्टी की शिकायत पहले भी हो चुकी है। 11 मार्च को तमिलनाडु सुन्नत जमात ने चेन्नई पुलिस आयुक्त के कार्यालय में विजय के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। संगठन के कोषाध्यक्ष सैयद कौस ने कहा था, "विजय के इफ्तार आयोजन में ऐसे लोग शामिल थे, जिनका रोजा या इफ्तार से कोई लेना-देना नहीं था। यह मुस्लिम समुदाय का अपमान है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि आयोजन में अव्यवस्था थी और विदेशी सुरक्षाकर्मियों ने मेहमानों के साथ पशुओं जैसा व्यवहार किया। सैयद ने स्पष्ट किया था कि यह शिकायत प्रचार के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए की गई है।
8 मार्च को किया गया था आयोजन
8 मार्च को विजय ने अपने राजनीतिक दल टीवीके के बैनर तले चेन्नई में एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। इस दौरान वह सफेद पारंपरिक पोशाक और टोपी में नजर आए थे। इस आयोजन में करीब 3,000 लोग शामिल हुए और 15 स्थानीय मस्जिदों के इमामों को भी आमंत्रित किया गया था। विजय के प्रशंसकों ने इस कदम को समावेशी और भाईचारे का प्रतीक करार दिया था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रणनीति के तहत उठाया गया कदम बताया था।