मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता दिलीप को साल 2017 के अभिनेत्री अपहरण और हमले के मामले में एक और राहत मिली है। गुरुवार को एक अदालत ने अभिनेता का पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है। एर्नाकुलम डिस्ट्रिक्ट और प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने दिलीप की तरफ से दायर एक याचिका पर यह आदेश दिया। दिलीप ने याचिका में बरी होने के बाद अपना पासपोर्ट वापस देने की मांग की थी।
प्रॉसिक्यूटर ने नहीं जताई आपत्ति
13 दिसंबर को जब याचिका दायर की गई, तो स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने इस याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि वह बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील करना चाहते हैं। हालांकि, जब गुरुवार को याचिका पर विचार किया गया, तो अभियोजन पक्ष ने कोई आपत्ति नहीं जताई। ऐसे में अदालत ने पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया।
साउथ एक्टर दिलीप
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
2017 में सरेंडर किया था पासपोर्ट
एक्टर दिलीप ने इस मामले में गिरफ्तारी के बाद 2017 में बेल की शर्त के तौर पर अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था। ट्रायल के दौरान, कोर्ट ने उन्हें बिजनेस और फिल्म प्रमोशन के लिए विदेश यात्रा करने की इजाजत दी थी।
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क्या है पूरा मामला?
ख्याल रहे कि फरवरी 2017 में, एक पॉपुलर मलयालम एक्टर को छह लोगों ने किडनैप कर लिया था और चलती कार में उन पर यौन हमला किया था। इस हमले को मुख्य आरोपी पल्सर सुनी ने फिल्माया था, जिन्हें इस मामले में कई अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया गया है। दिलीप को जांच एजेंसी ने मामले में आठवां आरोपी बनाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पल्सर सुनी गैंग के साथ मिलकर अपराध की साजिश रची और बाद में जांच के दौरान सबूत छिपाने व गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
छह लोगों को मिली कड़ी सजा
2017 के अभिनेत्री अपहरण और हमले के मामले में अदालत ने दिलीप के साथ चार और आरोपियों को बरी कर दिया था। इस अपराध में अदालत ने सीधे तौर पर शामिल छह लोगों को 20 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई थी।