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Jana Nayagan: 21 जनवरी तक अटकी 'जन नायकन' की रिलीज, CBFC की अपील पर मद्रास हाईकाेट ने पिछले आदेश पर लगाई रोक

Fri, 09 Jan 2026 06:21 PM IST
आकाश खरे एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Jana Nayagan Movie Release: थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज एक बार फिर मुश्किल में है। शुक्रवार को इस मामले पर मद्रास हाईकोर्ट ने पहले सेंसर बोर्ड को सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए और फिर देर शाम इस फैसले पर स्टे लगा दिया।
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जन नायकन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ का मामला फिर उलझ गया है। एक ओर जहां शुक्रवार सुबह मद्रास हाईकोर्ट के सिंगल जज ने केस की सुनवाई में सीबीएफसी को निर्देश जारी किए थे कि जल्द से जल्द इस फिल्म का सेंसर सार्टिफिकेट जारी किया जाए। वहीं अब देर शाम कोर्ट ने सेंसर बोर्ड की याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल जज के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई पोंगल की छुट्टियों के बाद 21 जनवरी के लिए तय की है। ऐसे में इस फिल्म की रिलीज तब तक के लिए तो टल ही गई है। 

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सुबह बोर्ड को लगाई थी फटकार
इससे पहले शुक्रवार सुबह, मद्रास हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को आदेश दिया कि फिल्ममेकर्स द्वारा बदलाव किए जाने के बाद UA सर्टिफिकेट जारी किया जाए। कोर्ट ने फिल्म के खिलाफ ऐसी शिकायतों पर विचार करने के लिए बोर्ड को फटकार भी लगाई और इसे 'खतरनाक चलन' बताया।

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सेंसर बोर्ड ने फैसले के खिलाफ की अपील
सर्टिफिकेट को लेकर आए मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, सेंसर बोर्ड ने इस आदेश के खिलाफ अपील की और उसी दिन कोर्ट से मामले की अर्जेंट सुनवाई की मांग की। सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने 'जन नायकन' के प्रोड्यूसर्स की तरफ से पैरवी की, जबकि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एआर एल सुंदरेशन ने सेंसर बोर्ड की तरफ से बहस की। 
सुंदरेशन ने तर्क दिया कि सर्टिफिकेशन ऑर्डर के मामले में सेंसर बोर्ड को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का कोई मौका नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि प्रोडक्शन हाउस की याचिका में सेंसर बोर्ड के चेयरमैन के फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने के फैसले को चुनौती नहीं दी गई थी, फिर भी जज ने अपने आदेश में उस फैसले को रद्द कर दिया।

सर्टिफिकेशन के लिए कोर्ट पर दबाव डाल रहे प्रोड्यूसर
सेंसर बोर्ड की तरफ से की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि सेंसर बोर्ड को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का मौका दिए बिना कोई अकेला जज ऐसा आदेश कैसे दे सकता है? चीफ जस्टिस ने इस बात पर भी चिंता जताई कि प्रोड्यूसर फिल्म को सर्टिफिकेशन देने के लिए कोर्ट पर दबाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रोड्यूसर को फिल्म की रिलीज डेट अनाउंस करने से पहले सर्टिफिकेट आने का इंतजार करना चाहिए था। अब इस मामले में 'जन नायकन' की टीम और उनके लीगल काउंसिल सुप्रीम कोर्ट जाने के पर विचार कर रहे हैं।

फिल्म को मुआवजा भी मिलेगा: धनराज 
मामले पर सुबह कोर्ट के आदेश आने के बाद TVK के स्टेट लीगल विंग की जॉइंट कोऑर्डिनेटर इंद्रा धनराज ने कहा था, 'हमने 6 जनवरी को एक याचिका दायर की थी क्योंकि फिल्म को कोई सर्टिफिकेशन नहीं दिया गया था। तब मामला टाल दिया गया और आज फैसला सुनाया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली है... अगर फिल्म समय पर रिलीज नहीं होती है तो लोगों को बहुत नुकसान होता है, इसलिए मुआवजा दिया जा रहा है। फिल्म के 27 सीन भी काट दिए गए हैं। अगर CBFC इस मामले में अपील करता है, तो हम कोर्ट में उनका सामना करेंगे।'

 

फैंस ने बांटे लड्डू, फोड़े पटाखे
शुक्रवार सुबह जब कोर्ट ने फिल्म को सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया तो विजय के फैंस ने खुशियां मनाईं। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में फैंस ने सड़क पर पटाखे फोड़े और लड्डू बांटे।
 
 

एक दिन पहले मेकर्स ने टाली रिलीज 
इससे पहले प्रोड्यूसर्स 'जन नायकन' को 9 जनवरी को रिलीज करना चाहते थे लेकिन फिल्म पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप था। इसके साथ ही सीबीएफसी ने रिलीज डेट तक इसका सर्टिफिकेट जारी नहीं किया था। ऐसे में मेकर्स को हाई कोर्ट जाना पड़ा।

हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला 
7 जनवरी को मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मेकर्स की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को इस फिल्म को 'UA 16+' कैटेगरी के तहत सेंसर सर्टिफिकेट देने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
इससे पहले 6 जनवरी को, जब याचिका पर सुनवाई हुई, तो जस्टिस पी टी आशा ने CBFC से मौखिक रूप से 7 जनवरी को उस ‘शिकायत’ की कॉपी पेश करने को कहा, जिसमें दावा किया गया था कि फिल्म ‘धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।’ 

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मेकर्स का दावा बदलाव के बावजूद जारी नहीं हुआ सर्टिफिकेट
मेकर्स ने तब बताया था कि U/A सर्टिफिकेशन के लिए शुरुआती सिफारिश के बाद फिल्म को ‘रिव्यू’ के लिए भेजा गया था। फिल्म मेकर्स ने दावा किया कि उन्होंने फिल्म पर काम पूरा हो जाने के बाद इसे 18 दिसंबर को सेंसरशिप के लिए भेजा था। इसके बाद, 19 दिसंबर को फिल्म देखने वाले सेंसर बोर्ड ने कथित तौर पर कुछ सीन हटाने और कुछ डायलॉग को म्यूट करने की सलाह दी। याचिकाकर्ता फिल्म प्रोडक्शन हाउस ने बताया कि सेंसर बोर्ड के सदस्यों द्वारा सुझाए गए बदलाव किए जाने के बाद भी फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। इसके चलते 9 जनवरी को इसकी रिलीज डेट तय होने के बावजूद भी फिल्म सेंसर सर्टिफिकेट के बिना रिलीज नहीं हाे पाई। 

‘द राजा साब’ से होने वाला था क्लैश
एच विनोद द्वारा निर्देशित फिल्म ‘जन नायकन’ में विजय, प्रकाश राज, पूजा हेगड़े और मामिथा बैजू जैसे कलाकार हैं। यह फिल्म पहले 9 जनवरी को प्रभास स्टारर ‘द राजा साब’ के साथ टकराने वाली थी। हालांकि, अब यह कब रिलीज होगी इसकी कोई साफ जानकारी नहीं है।

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