रिटायरमेंट पर क्या बोले अजित
इस हफ्ते दिल्ली में एक भव्य समारोह में अजित कुमार को पद्म भूषण से नवाजा गया। इसके बाद इंडिया टुडे से बातचीत में अजित ने रिटायरमेंट की संभावना पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'कौन जानता है, रिटायरमेंट की योजना मैं नहीं बनाता। हो सकता है कि परिस्थितियां मुझे रिटायर होने के लिए मजबूर कर दें। मैं कुछ भी तय नहीं मानता। लोग अक्सर जिंदगी की शिकायत करते हैं, लेकिन सुबह उठकर सांस लेना ही अपने आप में एक आशीर्वाद है।'
जिंदगी की कीमत को अच्छे से समझते हैं अजित
अजित ने बताया कि वह जिंदगी की कीमत को अच्छे से समझते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं कई सर्जरी और चोटों से गुजरा हूं। मेरे पास ऐसे दोस्त और परिवार के लोग हैं, जो कैंसर से जंग जीत चुके हैं। हम जानते हैं कि जिंदा रहना कितना अनमोल है। मैं अपनी जिंदगी का हर पल जीना चाहता हूं और इसे पूरी तरह से जीना चाहता हूं।'
एक्टर नहीं, एक ‘संयोग’ से बने सुपरस्टार
अजित कुमार की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। उन्होंने खुलासा किया कि एक्टिंग कभी उनका सपना नहीं था। उन्होंने कहा, 'मैं एक संयोग से एक्टर बना। स्कूल के बाद मैंने छह महीने तक एक ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में काम किया। 18 साल की उम्र में मैंने मोटरसाइकिल रेसिंग शुरू की। फिर धीरे-धीरे मुझे प्रिंट ऐड्स और टीवी कमर्शियल्स के ऑफर मिलने लगे। इसके बाद मैंने खुद को सिनेमा में पाया।' उनकी यह सादगी और बेबाकी उनके फैंस को और करीब लाती है। अजित का मानना है कि वह सिनेमा में आए तो संयोग से, लेकिन अब वह अपने काम को पूरी शिद्दत से करते हैं।