तीन भाषा नीति पर कही ये बात
हिंदी और तीन-भाषा नीति को लागू करने के अपने विरोध को उजागर करते हुए रंजना ने तर्क दिया, "तीन-भाषा नीति को लागू करने से तमिल भाषी लोगों की भाषाई और सांस्कृतिक अखंडता को खतरा है। मेरे लिए, तमिलनाडु की समृद्धि पूरे देश की सुरक्षा और प्रगति के लिए आवश्यक है। दुर्भाग्य से भाजपा की नीतियां तमिलनाडु के लिए ठीक नहीं हैं।"