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'रीजनल नया नेशनल बन रहा है'; 'साउथ अनबाउंड' इवेंट में बोले कमल हासन, 'कांतारा' सहित इन फिल्मों का किया जिक्र

Tue, 09 Dec 2025 11:55 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

JioHotstar South Unbound Event: मंगलवार 09 दिसंबर को जियो हॉटस्टार के इवेंट 'साउथ अनबाउंड' का आयोजन चेन्नई में हुआ। इस इवेंट में कमल हासन भी उपस्थित रहे और यहां उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती लोकप्रियता पर बात की।
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कमल हासन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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साउथ सिनेमा अब सिर्फ एक क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पैन इंडिया स्तर पर पहचान बना रहा है। साउथ फिल्मों की बढ़ती लोकप्रियता को जियो हॉटस्टार भी बखूबी समझ रहा है। अपने प्लेटफॉर्म पर दक्षिण भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखते हुए कंटेंट का विस्तार करने पर गौर कर रहा है। इसके लिए वह 'साउथ अनबाउंड' पर काम कर रहा है और मंगलवार को इसका इवेंट चेन्नई में आयोजित किया गया। यहां कमल हासन भी उपस्थित रहे। 

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जियोहॉटस्टार चार हजार करोड़ का करेगा निवेश
लोकप्रिय साउथ एक्टर कमल हासन ने चेन्नई में जियोहॉटस्टार के इवेंट 'साउथ अनबाउंड' में हिस्सा लिया। साउथ की स्टोरी टेलिंग की बढ़ती नेशनल और ग्लोबल पहचान पर उन्होंने बात की। इस इवेंट में जियोहॉटस्टार ने क्षेत्र की क्रिएटिव इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 4,000 करोड़ रुपये के निवेश का एलान किाय।

कमल हासन बोले- 'दर्शक ही प्लेटफॉर्म बन गए हैं'
इस इवेंट में डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन, तमिल डेवलपमेंट, इन्फॉर्मेशन और पब्लिसिटी मिनिस्टर एमपी समिनाथन और जियोहॉटस्टार के एग्जीक्यूटिव शामिल हुए। कमल हासन ने इस दौरान कहा कि आजकल की कहानियां 'स्क्रीन-एग्नोस्टिक' होती हैं और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को फॉलो करती हैं। कमल हासन ने कहा, 'आज, कहानियां सच में स्क्रीन से अलग हैं। वे देखने वाले के साथ चलती हैं। दर्शक ही प्लेटफॉर्म बन गए हैं। जब ऐसा होता है, तो मीडियम और मैसेज के बीच का रिश्ता हमेशा के लिए बदल जाता है। कहानियां किसी स्क्रीन की नहीं होतीं, वे हमेशा सुनने वाले के साथ चलती हैं और लोगों की होती हैं। स्क्रीन बस उन्हें फॉलो करती हैं'।

'कांतारा' और 'पुष्पा' सहित इन साउथ फिल्मों का दिया उदाहरण
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, साउथ की स्टोरीटेलिंग की बढ़ती नेशनल और ग्लोबल पहचान पर जोर देते हुए कमल हासन ने 'कांतारा', 'दृश्यम', 'बाहुबली', 'पुष्पा', 'विक्रम' और 'अमरण' जैसी फिल्मों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों की सफलता यह साबित करती है कि प्रामाणिकता एक ऐसी करेंसी है, जिसे कभी डीमोनेटाइज नहीं किया जा सकता'। स्क्विड गेम जैसी ग्लोबल सफलताओं से तुलना करते हुए कमल हासन ने कहा कि दक्षिण भारतीय भाषाएं मिलकर 275 मिलियन से ज्यादा लोगों से बात करती हैं, जिससे इस क्षेत्र को ग्लोबल पहुंच की बहुत ज्यादा संभावना मिलती है।

'सपोर्टिव पॉलिसीमेकिंग के मजबूत इकोसिस्टम की जरूरत'
कमल हासन ने कहा, 'यही बड़ा बदलाव है जो JioHotstar की पहल को तमिलनाडु के लिए इतना अहम बनाता है, न सिर्फ इसके मकसद के लिए, बल्कि इससे मिलने वाले मौकों के आर्किटेक्चर के लिए भी। इस नई दुनिया में हर तमिल क्रिएटर, प्रोड्यूसर और कहानीकार हर भारतीय तक, हर स्क्रीन पर, हर दिन पहुंच सकता है। आज, रीजनल नया नेशनल बन रहा है और एथनिक नया इंटरनेशनल। मदुरै, मलप्पुरम, मांड्या या मछलीपट्टनम में पैदा हुई कहानियां अब 'रीजनल सिनेमा' नहीं हैं, वे नेशनल कल्चरल इवेंट हैं'। कमल हासन ने इस बात पर जोर दिया कि एक बढ़ती हुई क्रिएटिव इकॉनमी को क्रिएटर्स, टेक्नीशियन, प्लेटफॉर्म और सपोर्टिव पॉलिसीमेकिंग के मजबूत इकोसिस्टम की भी जरूरत होती है।
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