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Darshan: फिर सुर्खियों में आए दर्शन थुगुदीपा, कोर्ट में गैरहाजिर होकर फिल्म स्क्रीनिंग में दिखे अभिनेता

Thu, 10 Apr 2025 02:06 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Darshan Thoogudeepa Controversy: दर्शन और उनके साथियों पर रेणुका स्वामी के अपहरण, यातना और हत्या का आरोप है। रेणुका का शव बेंगलुरु में एक नाले के पास मिला था।
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कन्नड़ एक्टर दर्शन थुगुदीपा - फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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कर्नाटक के मशहूर अभिनेता दर्शन थुगुदीपा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पिछले साल जून में रेणुका स्वामी के अपहरण, हमले और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी दर्शन मंगलवार शाम को अपनी नई फिल्म 'वामन' की खास स्क्रीनिंग में बेंगलुरु में नजर आए। हैरानी की बात यह है कि उसी दिन सुबह उन्होंने पीठ दर्द का हवाला देकर कोर्ट की सुनवाई से दूरी बना ली थी।
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मेडिकल के आधार पर मिली थी जमानत
दर्शन के वकीलों ने दावा किया कि अभिनेता को पिछले साल बेल्लारी जेल में रहते हुए पीठ दर्द की शिकायत हुई थी, जो अब फिर से उभर आई है। उस वक्त दर्शन ने स्थानीय अस्पताल में इलाज से इनकार कर दिया था और बेंगलुरु ले जाने की मांग की थी। कुछ दिनों बाद उन्हें मेडिकल आधार पर जमानत मिली और शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
वहीं, दर्शन की कोर्ट में गैरहाजिरी जज शख्त नजर आए। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में किसी भी बहाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभिनेता को हर सुनवाई में मौजूद रहना होगा। इस सुनवाई में दर्शन ने अपने घर से जब्त 75 लाख रुपये की नकदी वापस मांगने की अपील भी की थी। बाकी सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद थे। पिछले साल सभी आरोपियों को नियमित जमानत मिली थी, लेकिन शर्त थी कि वे हर सुनवाई में हाजिर होंगे।
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क्या है पूरा मामला?
दर्शन और उनके साथियों पर रेणुका स्वामी के अपहरण, यातना और हत्या का आरोप है। रेणुका का शव बेंगलुरु में एक नाले के पास मिला था। पुलिस के मुताबिक रेणुका ने पवित्रा गौड़ा को कथित तौर पर अश्लील मैसेज भेजे थे और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद यह साजिश रची गई। इस मामले में कुल 17 लोग आरोपी हैं। पुलिस का मानना है कि दर्शन ने इस क्रूर अपराध को अंजाम देने के लिए चार लोगों को करीब 50 लाख रुपये दिए। इसमें से 30 लाख रुपये प्रदीप (उर्फ पवन) नाम के शख्स को अपहरण, हत्या और शव ठिकाने लगाने के लिए दिए गए। वहीं, निखिल और केशवमूर्ति को हत्या और शव फेंकने के लिए पांच-पांच लाख रुपये मिले। इसके अलावा दो अन्य लोग- राघवेंद्र और कार्तिक को झूठा कबूलनामा देने और दर्शन व अन्य की जगह जेल जाने के लिए उनके परिवारों को पांच लाख रुपये देने की बात कही गई थी।

जेल की तस्वीर हुई थी वायरल
दर्शन को पिछले साल जून में गिरफ्तार किया गया था और दिसंबर में कर्नाटक हाई कोर्ट से नियमित जमानत मिली। हालांकि, जमानत से पहले जेल से उनकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में ली गई एक फोटो में दर्शन सिगरेट पीते और लॉन पर आराम करते दिखे थे।  इस खुलासे के बाद जांच शुरू हुई और उन्हें दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया था।
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