सूरज पंचोली को पिता जैसा समझा गया
इस मामले को याद करते हुए उन्होंने कहा 'मैं एक फिल्मी परिवार से आता हूं। मेरी मां एक एक्ट्रेस हैं, मेरे पिता भी एक एक्टर हैं। मेरे पिता की छवि बहुत मजबूत थी, खास तौर पर जब वह फिल्मों में एक्टिव थे। वह बहुत मुखर थे- जो भी उन्हें लगता था, वह कह देते थे और अगर उन्हें कुछ पसंद नहीं आता था, तो वे खुलकर प्रतिक्रिया देते थे। उनकी छवि के कारण, लोगों ने मान लिया कि मैं भी वैसा ही हूं। मेरे ऊपर मीडिया का बहुत ध्यान था और मैं उस समय बहुत छोटा था। मैं सिर्फ 20 या 21 साल का था। उस उम्र में, जब आपके आस-पास इतना कुछ हो रहा होता है, तो उसे समझना भी मुश्किल होता है, उस पर प्रतिक्रिया देना तो दूर की बात है।'
अधिकारियों पर बनाया जा रहा था दबाव
उन्होंने आगे कहा 'आरोप शुरू में धारा 306 के तहत लगाए गए थे। बाद में पुलिस ने धारा 302 भी जोड़ दी। असल में कोई नहीं जानता था कि दबाव कहां से आ रहा था। हमारे जांच अधिकारियों को लगातार फोन आ रहे थे, उनसे धारा 302 और यहां तक कि 307 के तहत आरोप लगाने के लिए कहा जा रहा था। बहुत दबाव था, और वे भी इसके बारे में चिंतित लग रहे थे। आज तक, मुझे नहीं पता कि इतना दबाव क्यों था या यह किसकी ओर से आ रहा था।'
यह खबर भी पढ़ें: Salman Khan: सूरज पंचोली ने सलमान खान के घर के बारे में खोले कई राज, कहा- कभी इस्तेमाल नहीं होता ताला
इसलिए इंडस्ट्री के लोगों ने नहीं किया सपोर्ट
सूरज पंचोली ने सलमान खान को छोड़कर इंडस्ट्री में दूसरों से समर्थन न मिलने के बारे में कहा 'मैं समझता हूं कि मुझे उस समय इतना समर्थन क्यों नहीं मिला। इसके दो कारण हैं। सबसे पहले, मेरे पिता इंडस्ट्री में किसी प्रभावशाली व्यक्ति के करीब नहीं थे। उन्होंने कभी किसी बड़े स्टूडियो के साथ काम नहीं किया। दूसरा कारण कानूनी मामला है। एक निर्माता के दृष्टिकोण से, सक्रिय जांच में शामिल किसी व्यक्ति को कास्ट करना जोखिम भरा है। अगर सीबीआई बुलाती है या कोई ट्रायल होता है, तो शूटिंग में देरी हो सकती है। इसका मतलब है कि करोड़ों का नुकसान। इसीलिए मेरा समर्थन करने में लोगों को हिचकिचाहट हुई।
सलमान खान ने की थी मदद
आपको बता दें कि एक पुराने इंटरव्यू में सूरज पंचोली ने बताया था कि सलमान खान ने उनके मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया था। सलमान खान ने उन्हें फिल्म हीरो (2015) में काम दिलाया था।