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रिजेक्शन...बंद होते दरवाजे और जिद, 'शेखर टुनाइट' को लॉन्च करने में अध्ययन सुमन को लगे चार साल; बताया अनुभव

Sat, 16 May 2026 12:39 PM IST
Jyoti Raghav एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Adhyayan Suman On Shekhar Tonite: अभिनेता शेखर सुमन ने करीब 14 साल बाद अपने टॉक शो के साथ दर्शकों के बीच वापसी की है। उनके फैंस बेहद खुश हैं। शो का पहला एपिसोड आ चुका है। शेखर सुमन के बेटे, अध्ययन सुमन इस मौके पर भावुक हैं और एक पोस्ट साझा कर दिल की बातें कही हैं।
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अध्ययन सुमन-शेखर सुमन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शेखर सुमन का शो 'मूवर्स एंड शेकर्स' खूब लोकप्रिय हुआ था। पहली बार यह शो दिसंबर 1997 में टीवी पर प्रसारित हुआ था। लंबे अरसे बाद अब शेखर सुमन एक बार फिर अपना टॉक शो लेकर लौटे हैं। उनके टॉक शो 'शेखर टुनाइट' का पहला एपिसोड आ चुका है। इस बार पिता के इस शो को बेटे अध्ययन सुमन ने बनाया है। इस मौके पर वे बेहद खुश हैं और भावुक भी हैं।

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'शेखर टुनाइट' पेश करके भावुक अध्ययन सुमन
अध्ययन सुमन 'शेखर टुनाइट' शो के निर्माता और क्रिएटर हैं। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया है और बताया कि इस शो को पेश करने में उन्हें करीब चार साल लगे। इस कड़ी में उन्हें कई बार रिजेक्शन झेलने पड़े। ऐसा लगा, जैसे मानो सभी दरवाजे बंद हो गए हों। मगर, उन्होंने भी अपनी जिद नहीं छोड़ी और आखिरकार यह शो अब सबके सामने है।

बोले- 'एक आग थी, जो कभी बुझी नहीं'
अध्ययन ने पोस्ट के साथ लिखा है, 'यह सिर्फ एक बेटे की पोस्ट नहीं है। यह एक ऐसे कलाकार की पोस्ट है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी शेखर सुमन के बेमिसाल टैलेंट, औरा, हाजिर जवाबी, हिम्मत और जादू को देखकर गुजारी है। 'शेखर टुनाइट' को हकीकत बनाने में मुझे चार साल लगे। चार साल तक रिजेक्शन मिले। चार साल तक मेरे सामने दरवाजे बंद होते रहे। चार साल तक लोग कहते रहे, 'अब यह नहीं चलेगा'। लेकिन मेरे अंदर कहीं एक आग थी और वह आग कभी बुझी नहीं। फिर एक निडर इंसान आया! धर्मेश संगानी। एक ऐसा इंसान जो फिल्मों की दुनिया से दूर था, फिर भी उसने किसी बिजनेस मॉडल पर भरोसा करने से पहले एक क्रिएटर पर भरोसा किया। 
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इन लोगों का मिला साथ तो बनी बात
अध्ययन ने आगे लिखा है, 'धर्मेश संगानी ने मेरी तरफ देखा और कहा, 'अध्ययन, इसे बहुत बड़ा बनाओ। वह इंसान एक OG है। कोई भी कभी उसकी तरह नहीं बन सकता। उनका कमबैक उनके किरदार जितना धांसू बनाओ। वह बात मेरे दिल में बस गई। फिर किस्मत ने बेहद क्रिएटव शख्सियत रितिका को मेरे पास भेजा। हमने वर्षों पहले इस सपने को पूरा करने की कोशिश की थी। तब यह नहीं हो पाया था, लेकिन शायद किस्मत सही समय का इंतजार कर रही थी। आज, वह इस शो के पीछे सबसे मजबूत ताकतों में से एक बनकर खड़ी है।  म्यूजिकल जीनियस  राहुल नायर ने इस दुनिया की रूह और इसका म्यूजिक पूरी शिद्दत से तैयार किया है।
 


बोले- 'वर्षों तक मां को घुटन में देखा'
अध्ययन लिखते हैं, 'इन सबके बीच, अपनी मां को वर्षों तक चुपचाप दर्द और घुटन सहते देखना कभी आसान नहीं था। मेरा सिर्फ एक ही मकसद था, भारत को उसका OG स्टार वापस देना। इस शो का होना तय था। मुझे नहीं पता कि अब आगे क्या होगा..., लेकिन आज, मेरा दिल भरा हुआ है। शुक्रगुजार हूं। भरोसे से भरा हूं। री हिम्मत बनने के लिए मेरी पार्टनर दिविता राय का शुक्रिया। मेरे दोस्तों का शुक्रिया। मेरी मां का शुक्रिया, जिन्होंने इन सब मुश्किलों के दौरान सबसे ज्यादा दुआएं मांगीं। भारत को उसका OG स्टार वापस दिलाने में मेरी मदद कीजिए!

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