लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के निधन के बाद उनके प्रशंसकों और चाहने वालों को गहरा शोक लगा है। गायक की सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद अब उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा गया है। जुबीन जितने अच्छे सिंगर थे, उतनी ही दिलचस्पी वो खेल जगत में भी रखते हैं। उन्हें फुटबॉल खेलना और देखना काफी पसंद था। जुबीन के निधन के बाद उनका एक सपना हमेशा-हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
जुबीन का सपना रह गया अधूरा
खुद को 'हार्डकोर' फुटबॉल फैन मानने वाले जुबीन का सपना था कि वह असम में एक रेसिडेंशियल फुटबॉल अकादमी स्थापित करें, जो विश्व के शीर्ष संस्थानों की तरह युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करे। लेकिन दुर्भाग्यवश 52 वर्ष की उम्र में सिंगापुर में स्विमिंग करते समय उनका निधन हो गया और यह सपना अधूरा रह गया।
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उच्च स्तरीय अकादमी बनाने की योजना
जुबीन न सिर्फ राज्य में सेलेब्रिटी फुटबॉल मैचों में हिस्सा लेते थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स पर भी उनकी नजर रहती थी। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बारे में बात करते हुए बताया, 'जुबीन खुद कहते थे कि वह गुवाहाटी में एक फुटबॉल क्लब के विकास में मदद कर रहे हैं और यहां खेल के लिए एक उच्च स्तरीय अकादमी बनाने की योजना भी बना रहे थे।'
बीसीसीआई सचिव ने किया खुलासा
सैकिया ने यह भी याद किया कि जुबीन क्रिकेट के आयोजन में भी हमेशा मौजूद रहते थे। जब भी गुवाहाटी में अंतरराष्ट्रीय मैच होता, वह वहां जाकर खिलाड़ियों और खेल का उत्साह महसूस करते। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए गुवाहाटी स्पोर्ट्स एसोसिएशन (GSA) ने अगले दो दिनों के सभी मैच रद्द कर दिए।
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गुवाहाटी सिटी एफसी के सह-संस्थापक सिद्धार्थ शंकर डेका ने साझा किया कि कैसे उन्हें जुबीन के साथ फिल्म बनाने के दौरान फुटबॉल में साझेदारी का मौका मिला। उन्होंने कहा, 'हमने जुबीन से क्लब के प्रचार में मदद मांगी, ताकि युवा प्रतिभाएं आकर्षित हो सकें। उन्होंने न केवल हामी भरी, बल्कि अपने कलाकार दोस्तों को भी खेल में शामिल किया।'
गुवाहाटी सिटी एफसी का फैसला
अब जब जुबीन हमारे बीच नहीं हैं, गुवाहाटी सिटी एफसी ने निर्णय लिया है कि भविष्य में जब स्थायी संरचना तैयार होगी, तो उसका एक हिस्सा जुबीन गर्ग के नाम पर रखा जाएगा। यह अकादमी हो सकती है या उनका नाम स्टेडियम में किसी स्टैंड पर रखा जा सकता है। डेका ने कहा, 'हम उनके फुटबॉल के प्रति जुनून को हमेशा याद रखेंगे और उनके सपनों को जीवित करने का प्रयास करेंगे।' जुबीन गर्ग ने असम और पूरे भारत में संगीत और खेल दोनों के प्रति अपना जुनून दिखाया। उनकी यादें और उनका सपना हमेशा नए खिलाड़ियों और संगीतप्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगा।