पिता की भाषा थी खराब
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके पिता कभी उनके लिए खड़े हुए, तो शाइनी रो पड़ीं और बताया कि उनके पिता भी उन्हें 'वेश्या' कहते थे। शाइनी ने बताया 'मेरी प्रिंट शूटिंग अहमदाबाद में काफी देर से चलती थी। कभी-कभी 2 या 3 बजे रात को पैक-अप होता था। मम्मा हर शूट में मेरे साथ होती थीं, तब मैं सिर्फ 16 साल की थी। और जब हम घर आते थे, तो ऐसा नहीं था कि वो पूछते, 'तुम ठीक हो? सेफ हो?' वो खराब शब्द बोलते। जैसे, 'रात के 3 बजे तक बेटी को ले जा रही हो? धंधा करवाने ले जा रही हो क्या?' उनकी भाषा बहुत खराब थी।'
संजय लीला भंसाले के साथ किया काम
शाइनी ने एक मॉडल के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने संजय लीला भंसाली की 'सरस्वतीचंद्र' में वरुण कपूर के साथ कुसुम देसाई व्यास की भूमिका निभाते हुए अभिनय की शुरुआत की। उन्होंने 'सरोजिनी- एक नई पहल', 'बहू हमारी रजनी कांत', 'जमाई राजा' और 'लाल इश्क' सहित कई सीरियल में अभिनय किया। हाल ही में 'पांड्या स्टोर' में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उनकी तारीफ हुई।