Shaad Randhawa Exclusive Interview: फिल्म 'एक दीवाने की दीवानियत' और 'सैयारा' जैसी फिल्मों में नजर आए अभिनेता शाद रंधावा ने अमर उजाला से एक्क्लूसिव बातचीत करते हुए अपने करियर को लेकर कई अहम पहलुओं के बारे में बताया।
फिल्म 'एक दीवाने की दीवानियत' की सक्सेस पर अभिनेता शाद रंधावा ने अमर उजाला से बात करते हुए अपने दिल की बात साझा की। इसके अलावा उन्होंने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। अपने करियर और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी उन्होंने बताया। शाद ने क्या कुछ कहा, चलिए जानते हैं।
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फिल्म की सफलता पर क्या कहेंगे?
बहुत अच्छा लग रहा है। फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ऑडियंस को काफी अच्छी लग रही है फिल्म। मेरा काम भी अच्छा लग रहा है। जितने रिएक्शन्स आ रहे हैं, फिल्म देखने जा रहे हैं लोग। जो भी कमेंट्स आ रहे हैं मेरे सोशल मीडिया पर बहुत पॉजिटिव रिएक्शन्स हैं..बहुत प्रोत्साहन बढ़ाने वाले हैं। तो बहुत अच्छा लगता है जब आप मेहनत करो। हम ऑडियंस के लिए ही काम करते हैं, तो उन्हें अच्छा लगता है तो हमें भी अच्छा लगता है।
फिल्म सैयारा, आवारापन, आशिकी 2 जैसी फिल्मों से आपके करियर में क्या बदलाव लाए?
मैंने इस तरह से कभी देखा नहीं है। जब मैं साल 2006 में भी पहली बार सेट पर गया था। तब भी वहीं जोश था, वही डर था, वही एक्साइटमेंट थी...जो आज है। वही प्रोसेस था, वही कोशिश थी जो आज है। मेरे हिसाब से कुछ नहीं बदला है, वहीं डायरेक्टर्स-प्रोड्यूसर्स थे। सभी का यही होता है मिलकर काम अच्छा करना है। काम अच्छा निकलकर आए और फिल्म लोगों को अच्छी लगे। तो ये जो प्रोसेस है ये वही चल रहा है इतने वर्षों से। कुछ भी नहीं बदला है। प्रोसेस भी वही है..वहीं दुनिया में
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शाद रंधावा
- फोटो : एक्स
आपने फेम के बारे में कभी नहीं सोचा कि किस डायरेक्शन में जा रहा हूं?
जी, जैसा काम मिलता गया, करता गया। मैं थोड़ा पॉजिटिव इंसान हूं। अभी आगे भी मैं मौजूदा वक्त में जीना चाहता हूं। अभी मोमेंट है उसे जियो। जो काम है बस वो करना चाहता हूं। हमें बस सफर का मजा लेना चाहिए। हम कभी कभी उलझ जाते है कि मैं ये करूं तो क्या होगा...जो होना है वही होगा। आप अपनी ईमानदारी से काम करोगे तो कोई ना कोई जरूर उसे नोटिस करेगा।
आपके दिल के सबसे करीब कौन-सा किरदार रहा?
जैसा कि मैं देखता हूं जो मेरा किरदार आवारापन में था, जो आशिकी 2 में दोस्त था, जो 'एक दीवाने की दीवानियत' में था...इन सभी कैरेक्टर्स के साथ मैं खुद को रीलेट कर पाता हूं। जिस तरह से वो इमोशनल है अपने दोस्त के लिए। उस तरह के किरदार मेरे दिल के बेहद करीब हैं। क्योंकि मेरे साथ ऐसा है कि खुशकिस्मती से ऐसा है कि 20 साल बाद भी मैं और इमरान काफी अच्छे दोस्त हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ स्क्रीन पर हम अच्छे दोस्त थे। हम महीने में कम के कम एक या दो बार जरूर मिलते हैं।
अभी आदित्य रॉय कपूर और मुझे साथ में काम किए भी काफी दिन हो गए लेकिन हम आज भी अच्छे दोस्त हैं। हर्ष के साथ भी मैं मानता हूं कि हम आगे काम करें या करें वो भी अच्छे ही दोस्त रहेंगे। तो मैं रियल में ऐसा ही इंसान हूं इसलिए ये किरदार रिलेटेबल हो जाते हैं।
शाद रंधावा
- फोटो : एक्स
आवारापन 2 में आपको देखने का मौका मिल पाएगा?
नहीं। मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है। मैं तो जरूर चाहूंगा कि कुछ भी हो चाहे पीछे पेड़ की तरह खड़ा हो जाऊं लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं है।
क्या जॉन अब्राहम- इमरान हाशमी से करियर बेहतर करने में मदद मिली?
बिल्कुल ऐसा नहीं है। वो एक्टर्स हैं। काम देना कास्टिंग डायरेक्टर्स का काम होता है। बाकी कभी इधर-उधर हो सकता है बात की हो। लेकिन हमारा फ्रेंड सर्कल थोड़ा अलग है। अगर किसी को बोलेंगे भी तो बोलेंगे कि कोशिश कर लेना, बाकी ऐसा कुछ नहीं है।
दोस्ती में कभी कंडिशन्स नहीं होते कि अगर आप मेरे लिए ये करोगे तभी आप मेरे दोस्त हो। दोस्ती निभाई है तो जरूरी नहीं कि उसमें कुछ उम्मीदें लगाएं। बाकी कुछ अपने आप हो जाए तो अलग बात है। बाकी मुझे नहीं लगता हममें से कोई भी ऐसा सोचता है।
मोहित सूरी के साथ रिश्ता कैसा है, क्या पारिवारिक रिश्ता अब बन गया है?
जी वो तो है। बिल्कुल। जैसा कि मैंने हर इंटरव्यू में कहा है मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं क्योंकि मोहित सूरी जैसे डायरेक्टर ने मुझे लॉन्च किया। उनके साथ अगर आप काम करते हो इतने वर्षों से जानते हो और किसी कंपनी में भी 20 साल से काम करो तो आपकी भी वहां सबसे दोस्ती हो जाएगी। लेकिन ये जरूरी नहीं है। मैं मोहित की हर फिल्म में नहीं हूं। उन्होंने जितनी फिल्में बनाई हैं मैं उनमेंआधी ही फिल्मों में मौजूद हूं। तो अगर वो मुझे फिल्म में नहीं भी लेते तो ऐसा नहीं है कि हमारी दोस्ती में उसका कोई असर पड़ता है। वो बहुत फिल्में बना चुके हैं जिनमें मैं नहीं हूं। उन्हें अगर लगता है कि कोई ऐसा किरदार है जो मेरे लायक है तो हमारी बात होती है वरना मुझे नहीं लेते हैं। हमारी दोस्ती ऐसी ही रहेगी आगे भी।
फिल्मी परिवार से आते हैं, नेपोटिज्म पर आपकी क्या राय है?
मेरे हिसाब से नेपोटिज्म पर टेक ही बेकार है। ये एक ऐसी इंडस्ट्री है जहां पर आपको जो करना है खुद करना है। आपके लिए कोई कुछ करना भी चाहे तो भी ऑडियंस ही सब कुछ डिसाइड करती है। चलो किसी की वजह से मुझे फिल्म मिल जाएगी क्योंकि हम एक लाइन में हैं। जिसकी पिक्चर ऑडियंस देखने जाएगी। जिसका शो लोगों को देखना है। जिसे लोग पसंद करते हैं उन्हीं को काम मिलेगा। आप चाहे किसी को भी आगे कर लें अगर जनता पसंद नहीं करती तो बात नहीं बनती। जनता को क्या, क्यों और कब अच्छा लगता है, उन्हीं का फैसला फाइनल होता है। जैसे सब कहते हैं कि जनता जनारदन के हाथ में ही है। वहीं मां-बाप है जिनके हाथ में सबकुछ है। हमारी इंडस्ट्री पूरी तरह से जनता पर टिकी है।
मोहित सूरी और भट्ट फैमिली के बीच तनाव चल रहा है?
नहीं ऐसा नहीं है। मोहित बहुत खुश हैं कि इमरान और विशेष ये फिल्म बना रहे हैं। सब अपनी लाइफ और करियर में बिजी हैं। 'आवारापन 2' को लेकर कोई तनाव नहीं है। इमरान और मोहित सूरी का साथ में आना, डेट्स मैच करना आसान नहीं है। हम सब आपस में बहुत खुश है और हम दुआ कर रहे हैं कि फिल्म अच्छा करेगी।
शाद रंधावा
- फोटो : एक्स
अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में बताना चाहेंगे?
फिलहाल 'मस्ती 4' आ रही है, रिलीज होने वाली है। बाकी एक फिल्म की शूटिंग कर रहा हूं लेकिन अभी उसपर कुछ नहीं कहना चाहूंगा। जब सही समय आएगा तब बताऊंगा। इसके अलावा भी एक-दो फिल्में हैं टचवुड।
कोई ऐसा रोल या एक्टर जिसके साथ काम करना चाहेंगे?
मैं अमिताभ बच्चन के साथ काम करना चाहता हूं। रोल कोई भी हो बस उनके साथ किसी फ्रेम में आ जाऊं यहीं इच्छा है। बाकी किरदार तो बहुत से हैं। फिल्म डर में शाहरुख खान जैसा जिसमें एक तरफा प्यार दिखाया गया था। मैं शाहरुख खान साहब जैसा चाहूंगा, कोई इंटेसिव ग्रे शेड टाइप, क्रेजी, डार्क कैरेक्टर तो अगर ऐसा कुछ मिल जाए तो अच्छा रहेगा।
फिल्म एक दीवाने की दीवानियत के प्रति पागलपन दिख रहा है, क्या कहेंगे?
जनता की वजह से 'एक दीवाने की दीवानियत' फिल्म चली है। आप ही लोगों का प्यार है। इस फिल्म को इतना प्यार दिया है ऑडियंस ने। सोनम को भी। हर्ष को भी। हम सबको प्यार मिला। वो सबसे अच्छी बात थी इस फिल्म की। बहुत अच्छा लगता है जब जनता आपके काम और फिल्म को पसंद करती है।
शाइनी आहूजा के साथ आपकी कोई बात हुई?
शाइनी आहूजा के साथ मेरा कोई इंटरैक्शन नहीं हुआ है इतने वर्षों में। पहले भी इतनी बात नहीं हुई थी। बस इतना कहूंगा कि बहुत अच्छे एक्टर थे। प्रोफेशनल एक्टर थे। जो हुआ वो हुआ। बाकी तो उनसे बात नहीं होती लेकिन मैं शाइनी को उनके अच्छे के लिए शुभकामनाएं देना चाहूंगा।