निर्माता की वकील ने दी ये दलील
शैलेश आर सिंह साल 2011 में रिलीज हुई फिल्म 'तनु वेड्स मनु' के निर्माताओं में से एक हैं। इस फिल्म में आर. माधवन और कंगना रनौत लीड रोल में नजर आईं। शैलेश आर सिंह की ओर से पेश वकील सना रईस खान ने कहा कि शिकायतकर्ता ने एक दीवानी विवाद को आपराधिक मामले में घसीटकर एफआईआर दर्ज कराई है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिया था यह निर्देश
सना रईस खान ने कहा कि अदालत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपराधिक अभियोजन का इस्तेमाल अभियुक्तों पर दबाव बनाने के लिए उत्पीड़न के साधन के रूप में न किया जाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मध्यस्थता करने और मध्यस्थता से पहले शिकायतकर्ता को 25 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है, जिससे परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और याचिका रद्द करने का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। सना रईस खान की दलीलों पर गौर करते हुए पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता कुणाल जैन ने मौखिक समझौते के अनुसार कुछ धनराशि दी होगी और हो सकता है कि शैलेश आर सिंह पर उनका कोई विशेष बकाया हो।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'हाईकोर्ट से ऐसी अपेक्षा नहीं'
आगे कहा गया है, 'हाईकोर्ट ने जिस तरह से यह आदेश पारित किया है, उससे हम काफी डिस्टर्ब हैं। हाईकोर्ट ने पहले अपीलकर्ता को प्रतिवादी 4 (जैन) को 25,00,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया और उसके बाद उसे समझौते के उद्देश्य से मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया'। आदेश में आगे कहा गया, 'संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर रिट याचिका या दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 482 के तहत एफआईआर या किसी अन्य आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए दायर विविध आवेदन में उच्च न्यायालय से ऐसा करने की अपेक्षा नहीं की जाती है'।