बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान रखने वाले निर्देशक संजय लीला भंसाली की पैदाइश 24 जनवरी 1963 में हुई थी। वह पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, ग्यारह फिल्मफेयर अवॉर्ड और पद्म श्री जैसे अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। भारतीय सिनेमा को सबसे अलग फिल्में देने वाले भंसाली पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उनकी फिल्मों में अलग ही प्रेम कहानियां होती हैं। इनमें ज्यादातर अधूरी प्रेम कहानियां होती हैं। प्रेम कहानियों पर फिल्में बनाने वाले निर्देशक जिंदगी भर अकेले ही रहे। आइए आज उनके 62वें जन्मदिन के मौक पर जानते हैं उनके बारे में खास बातें।
अभी भी अकेले हैं संजय लीला भंसाली
हाल ही में एक इंटरव्यू में संजय लीला भंसाली ने बताया कि वह अभी भी अकेले हैं और उन्हें एक साथी की तलाश है। संजय लीला भंसाली का नाम वैभवी मर्चेंट से जुड़ा, लेकिन ब्रेकअब के बाद उन्होंने न तो कभी शादी की न ही कभी उनका किसी से अफेयर हुआ। कोरियोग्राफर वैभव मर्चेंट से संजय लीला भंसाली की मुलाकात 1999 में 'हम दिल दे चुके सनम' के सेट पर हुई थी। खबरों के मुताबिक वह साल 2008 में शादी करने वाले थे। इससे पहले उन्होंने सगाई भी कर ली थी। लेकिन आपसी मतभेद की वजह ये दोनों अलग हो गए। तब से संजय अकेले हैं।
यह खबर भी पढ़ें: Kaushaljis VS Kaushal Review: आशुतोष राणा और शीबा की अदाकारी की करामात, दिग्गजों के बीच दमकीं ईशा तलवार
संजय लीला भंसाली
- फोटो : फोटो- अमर उजाला
मां सिलती थीं कपड़े
संजय लीला भंसाली साउथ बाम्बे के भुलेश्वर में एक गुजराती जैन परिवार में पैदा हुए। उनकी मां लीला जिंदगी गुजारने के लिए कपड़े सिला करती थीं। यही वजह है कि संजय अपने घर पर गुजराती में बात करते हैं और गुजराती खाना पसंद करते हैं। उनकी बहन बेला भंसाली सेगल भी निर्देशक हैं। उन्होंने 'शिरींन फरहाद की तो निकल पड़ी' का निर्देशन किया है। इस फिल्म की स्क्रिप्ट को संजय लीला भंसाली ने ही लिखा है।
यह खबर भी पढ़ें: Bollywood Star Kids: सिमर से लेकर शनाया कपूर तक ये स्टार किड्स इन फिल्मों में आएंगे नजर, आजमाएंगे किस्मत
निर्देशक के अलावा भी हैं बहुत कुछ
संजय लीला भंसाली डायरेक्टर के अलावा फिल्म निर्माता, पटकथा लेखक, एडिटर और म्यूजिक कंपोजर भी हैं। वह हिंदी सिनेमा में काम करते हैं। संजल लीला भंसाली सबसे कामयाब निर्देशकों में शुमार होते हैं। उनके काम की वजह से भारत सरकार ने संजय लीला भंसाली को साल 2015 में पद्म श्री अवार्ड्स से नवाजा गया। वह पीरियड ड्रामा फिल्में बनाने के लिए के लिए जाने जाते हैं।
संजय लीला भंसाली
- फोटो : फोटो- अमर उजाला
बाफ्टा के लिए नामित हुए फिल्म
संजय लीला भंसाली ने सबसे 'खामोशी: द म्यूजिकल' फिल्म का निर्देशन किया। इसके बाद उन्होंने 'हम दिल दे चुके समन' और 'देवदास' का निर्देशन किया। ये फिल्म बाफ्टा अवॉर्ड के लिए चुनी गई। संजय ने साल 2015 में 'ब्लैक' फिल्म का निर्देशन किया। इस फिल्म ने नेशनल फिल्म अवार्ड हासिल किया। उनकी फिल्में 'सांवरिया' और 'गुजारिश' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं।
सलमान शाहरुख को दी ऊंचाई
संजय लीला भंसाली ने विधु विनोद चोपड़ा के साथ असिस्टेंट के बतौर अपने करियर की शुरूआत की। उनके साथ उन्होंने 'परिंदा', '1942: ए लव स्टोरी' जैसी फिल्में बनाई। इसके बाद भंसाली ने 'खामोशी: द म्यूजिकल' फिल्म बनाई। इसके बाद वह कामयाबी सीढ़ी चढ़ते गए। कहा जाता है कि सलमान खान, शाहरुख खान और रणवीर जैसे बॉलीवुड सितारों को बनाने वाले भंसाली ही हैं।