नए और पुराने टैलेंट का हो मिश्रण
समीर अंजान ने आगे अपनी बातचीत में आगे कहा, ‘मैं यह नहीं कह रहा कि युवा लोग टैलेंटेड नहीं हैं। लेकिन जब पुराने और नए लोग साथ मिलकर काम करते हैं, तो यह फायदेमंद हो सकता है। मैंने 'फालतू’ में सचिन-जिगर के साथ काम किया और 'आल्तू जलालतू' और 'चार बज गए लेकिन पार्टी अभी बाकी है' जैसे गाने लिखे। इन गानों से मैंने साबित किया कि मैं युवाओं के साथ मिलकर काम कर सकता हूं और ऐसे युवा-जोश वाले गाने बना सकता हूं।'
'धुरंधर' पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
रणवीर सिंह की 'धुरंधर' पर समीर ने कहा, 'यही कारण है कि संगीत का फिल्म इंडस्ट्री में यह हाल हुआ है। ऊपर से 'धुरंधर' ने और सत्यानाश किया। उन्होंने संगीत को उठाकर बैकग्राउंड में डाल दिया। 'धुरंधर द रिवेंज' में मेरे गाने 'हम प्यार करने वाले, दुनिया से ना डरने वाले' को दोबारा बनाया। लेकिन स्क्रीन पर, गोलियां चल रही हैं भाई? अब यह मेरे पिता का उद्योग नहीं है कि मैं ऐसी प्रथाओं को रोक सकता हूं। अजय देवगन की चौहान का टीजर देखें। 'जुम्मा चुम्मा' बैकग्राउंड में बजता है जबकि सारा एक्शन स्क्रीन पर होता है।'
अरिजीत के इंडस्ट्री छोड़ने की वजह बताई
अपने इंटरव्यू में आगे समीर अंजान ने अरिजीत सिंह के इंडस्ट्री छोड़ने पर कहा, ‘इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि अरिजीत सिंह परेशान हो गए और इंडस्ट्री छोड़ दी। उनके लिए काम एक जैसा हो गया था; ज्यादातर गानों का साउंड एक जैसा ही होता है। उन्हें वैरायटी नहीं मिल रही थी। उस जमाने में उदित नारायण और दूसरे गायकों को अलग-अलग तरह के गाने मिलते थे।’