फिल्म ‘शिरडी के साईं बाबा’ के अभिनेता सुधीर दलवी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। सुधीर को 8 अक्तूबर को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका गंभीर सेप्सिस का इलाज चल रहा है, जो एक जानलेवा संक्रमण है और जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सुधीर के इलाज के लिए अब उनके परिवार ने इंडस्ट्री के लोगों और शुभचिंतकों से मदद की अपील की है। अब सुधीर की मदद के लिए अभिनेता रणबीर कपूर की बहन और ऋषि कपूर-नीतू कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी आगे आई हैं। इसकी जानकारी खुद रिद्धिमा ने एक पोस्ट पर कमेंट के जरिए दी।
मदद को आगे आईं रिद्धिमा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुधीर दलवी के इलाज का खर्च पहले ही 10 लाख रुपये को पार कर चुका है और इलाज जारी रहने पर यह 15 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। उनके परिवार ने बढ़ते खर्च पर चिंता जताते हुए इंडस्ट्री के प्रशंसकों और शुभचिंतकों से आर्थिक मदद की अपील की। इस अपील के बाद अब रिद्धिमा बड़ा दिल दिखाते हुए साईं बाबा बने एक्टर की मदद के लिए आगे आई हैं। रिद्धिमा ने सुधीर दलवी के स्वास्थ्य से जुड़ी एक पोस्ट पर कमेंट करते हुए इस बात की जानकारी दी और अभिनेता के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। रिद्धिमा ने अभिनेता के मेडिकल फंड में योगदान दिया और एक सोशल मीडिया पोस्ट के तहत टिप्पणी करते हुए लिखा, “डन, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।’
ट्रोलर्स को रिद्धिमा ने दिया जवाब
रिद्धिमा के सोशल मीडिया पर कमेंट के बाद एक यूजर ने उन पर सवाल भी उठाया। रिद्धिमा के कमेंट पर सवाल उठाते हुए यूजर ने लिखा, ‘अगर आपने मदद की है तो आपने यहां इसका जिक्र क्यों किया, फुटेज चाहिए?’ हालांकि, रिद्धिमा ने इस कमेंट का बड़ी ही शालीनता से जवाब दिया। रिद्धिमा ने रिप्लाई में कहा, ‘जिंदगी में सब कुछ दिखावे के बारे में नहीं है। किसी जरूरतमंद की मदद करना और वह भी अपनी क्षमता के अनुसार, सबसे बड़ा आशीर्वाद है।’ अब रिद्धिमा का ये कमेंट वायरल है।
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साईं बाबा के किरदार से मिली घर-घर में पहचान
सुधीर दलवी भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं। 1977 की चर्चित फिल्म 'शिरडी के साईं बाबा' में साईं बाबा की भूमिका ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। इसके अलावा वो रामानंद सागर की 'रामायण' (1987) में ऋषि वशिष्ठ की भूमिका में भी नजर आए थे। उन्होंने 'जुनून' (1978) और 'चांदनी' (1989) जैसी फिल्मों में भी काम किया। दलवी की आखिरी फिल्में 'एक्सक्यूज मी' (2003) और 'वो हुए ना हमारे' (2006) थीं।