आज होगा अंतिम संस्कार
मनोज राउत ने पीटीआई को बताया, 'उन्होंने आज सुबह अपने पोते-पोतियों और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ नाश्ता किया। उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। बुजुर्गावस्था के चलते उनका निधन हो गया'। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
सात साल की आयु से लिया नृत्य प्रशिक्षण
06 जुलाई 1933 को ओडिशा में जन्मे पद्मश्री पुरस्कार विजेता मायाधर राउत को 'ओडिसी नृत्य का जनक' माना जाता है। उन्होंने शास्त्र-आधारित ज्ञान के साथ 1950 के दशक में ओडिसी के पुनरुद्धार का नेतृत्व किया था। वे नृत्य शैली के अग्रणी कलाकारों में शुमार रहे। मायाधर राउत का प्रशिक्षण सात वर्ष की आयु में 'गोटीपुआ' नृत्य शैली सीखने से शुरू हुआ।