'रात में एनर्जी और फोकस सही होता है'
रानी ने कहा, 'मुझे लगता है कि हर प्रोजेक्ट में अपनी-अपनी चुनौतियां होती हैं, लेकिन मेरे लिए रात की शूटिंग हमेशा सबसे मुश्किल होती है क्योंकि मैं स्वभाव से सुबह जल्दी उठने वाली इंसान हूं। जल्दी उठना और जल्दी सोना पसंद है, इसलिए जब भी रात का शेड्यूल होता है, तो मुझे अपनी बॉडी क्लॉक को पूरी तरह से बदलना पड़ता है। मुझे दिन में सोना भी पसंद नहीं है, इसलिए उस रूटीन के हिसाब से ढलना काफी मुश्किल हो सकता है। फिर भी, रात में शूटिंग करने में कुछ बहुत खास बात है। सेट पर जो एनर्जी होती है, वह अलग होती है। पूरा शहर सो रहा होता है, तब फिल्म क्रू पूरी तरह एक्टिव होता है और काम कर रहा होता है। एक अलग शांति होती है। वह माहौल शूटिंग में अलग ही फोकस और उत्साह लाता है'।
बोलीं- 'सीन देखा तो लगा सारी मेहनत सफल हुई'
रानी ने आगे बताया कि क्लाइमैक्स की शूटिंग प्रोडक्शन का सबसे थका देने वाला हिस्सा था। इस मुश्किल एक्शन सीन के लिए टीम को बिना किसी बड़े ब्रेक के लगभग पूरे दिन शूटिंग करनी पड़ी। रानी ने कहा, 'क्लाइमैक्स सीन की शूटिंग सबसे मुश्किल अनुभवों में से एक थी। हमने लगातार 18 घंटे शूटिंग की। दोपहर 3 बजे शुरू करके अगली सुबह 10 बजे तक। यह सिर्फ शेड्यूल की वजह से मुश्किल नहीं था, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इस सीन में बहुत शारीरिक मेहनत और ताकत की जरूरत थी। पूरी रात जागकर और शूटिंग करने के बाद इसने सचमुच मेरी सहनशक्ति की परीक्षा ले ली। लेकिन जब देखा कि सीन कैसा बना है, तो सारी मेहनत सफल हो गई।