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रामायण: साई की कास्टिंग से लेकर कैकेयी के ब्लाउज तक, रिलीज से पहले कब-कब विवादों में घिरी रणबीर कपूर की फिल्म?

Thu, 05 Nov 2026 06:31 AM IST
राजश्री वर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

  • फिल्म 'रामायण' 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।
  • फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश समेत कई कलाकार नजर आए।
  • बता दें कि रिलीज होने से पहले ये फिल्म कई वजहों से विवादों में भी रही है।
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रामायण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' आज 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। रणबीर फिल्म में भगवान 'राम', साई पल्लवी माता 'सीता'' और यश 'रावण' की भूमिका में नजर आए। बड़े बजट और भव्य स्तर पर बनाई गई इस फिल्म ने अपनी स्टारकास्ट से लेकर वीएफएक्स तक को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, फिल्म की चर्चा सिर्फ इसकी भव्यता और कलाकारों की वजह से नहीं हुई, बल्कि यह कई विवादों में भी घिरी थी।
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बता दें कि फिल्म के रिलीज होने से पहले कभी रणबीर कपूर के भगवान राम बनने पर सवाल उठे, तो कभी साई पल्लवी की कास्टिंग को लेकर बहस छिड़ गई थी। सिर्फ इतना ही नहीं, एआर रहमान के संगीत, कलाकारों के लुक, कपड़ों और फिल्म के वीएफएक्स पर भी लोगों ने सवाल उठाए थे। अब जब यह करीब 4,000 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म का पहला पार्ट रिलीज हो गया है, तो आइए ऐसे में जानते हैं उन 10 विवादों के बारे में, जिनकी वजह से 'रामायण' लगातार सुर्खियों में बनी रही।
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रामायण से रणबीर कपूर का लुक - फोटो : यूट्यूब ग्रैब
1. रणबीर कपूर का बीफ खाने वाला पुराना बयान
भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर भी विवाद हुआ। दरअसल, साल 2011 का उनका एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हो गया। इस इंटरव्यू में रणबीर ने अपने परिवार के खान-पान और खाने की पसंद के बारे में बात की थी।

उन्होंने कहा था, 'मुझे मटन, पाया और बीफ पसंद है। हां, मैं बीफ का बहुत बड़ा फैन हूं।' उनका यह बयान सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए कि बीफ खाने की बात कहने वाले रणबीर भगवान राम का किरदार कैसे निभा सकते हैं।

यह विवाद तब और बढ़ गया, जब खबरें सामने आईं कि रणबीर ने भगवान राम की भूमिका की तैयारी के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाई है। इसी बीच उनके परिवार के क्रिसमस सेलिब्रेशन के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद कुछ लोगों ने उनके खान-पान में बदलाव और फिल्म के प्रमोशन के दौरान दिखाई जा रही छवि पर सवाल उठाए।

साई पल्लवी - फोटो : इंस्टाग्राम@ saipallavi.senthamarai
2. साई पल्लवी की कास्टिंग पर उठे सवाल
फिल्म में माता सीता का किरदार साई पल्लवी निभा रही हैं। उनकी कास्टिंग सामने आने के बाद से ही इस पर चर्चा शुरू हो गई थी। फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर सामने आने के बाद उनके लुक, मेकअप, हेयरस्टाइल, स्क्रीन प्रेजेंस और हिंदी बोलने के अंदाज को लेकर कई सवाल उठाए गए।

कुछ लोगों को लगा कि साई पल्लवी का लुक माता सीता की उनकी कल्पना से मेल नहीं खाता। वहीं, कुछ लोगों ने दक्षिण भारतीय अभिनेत्री को इस भूमिका में लेने को लेकर भी सवाल खड़े किए। इसके अलावा, फिल्म में उनके कपड़ों को लेकर भी विवाद हुआ। कुछ दर्शकों ने उनके ब्लाउज के डिजाइन और पूरी स्टाइलिंग पर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि कपड़ों का अंदाज उस समय के हिसाब से नहीं लग रहा है, जिसमें रामायण की कहानी दिखाई गई है।

फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल ने इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रामायण लोगों की आस्था और कल्पना से गहराई से जुड़ी हुई है, इसलिए हर किसी की राय एक जैसी होना संभव नहीं है। सीता के लुक को तैयार करने के बारे में उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी ऐतिहासिक दौर की हूबहू नकल करने की कोशिश नहीं की। बल्कि उनके मन में माता सीता की जो छवि थी, उसी को पर्दे पर उतारने का प्रयास किया। डिजाइनर के मुताबिक, पूरी टीम ने अपने काम को ईमानदारी से किया है और हर कॉस्ट्यूम सोच-समझकर तैयार किया गया है।

इसके अलावा, साई पल्लवी का एक पुराना इंटरव्यू भी विवाद की वजह बना। इस इंटरव्यू में उन्होंने हिंसा और राजनीतिक व सैन्य संघर्षों को लेकर अपनी राय रखी थी। वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें माता सीता का किरदार निभाने के लिए सही विकल्प नहीं बताया और फिल्म के बहिष्कार की मांग भी की।

करीना कपूर खान - फोटो : इंस्टाग्राम
3. करीना कपूर ने ठुकराया था सीता का रोल
साई पल्लवी से पहले माता सीता के किरदार के लिए करीना कपूर खान का नाम भी सामने आया था। उस समय कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि करीना को इस रोल का ऑफर दिया गया था। कुछ खबरों में यह भी कहा गया कि उन्होंने अपनी सामान्य फीस से दोगुनी रकम मांगी थी, जिसके चलते मेकर्स के साथ बात नहीं बन पाई।

हालांकि, बाद में करीना कपूर ने जूम को दिए एक इंटरव्यू में इन खबरों को गलत बताया। उन्होंने साफ किया कि वह इस फिल्म के लिए कभी पहली पसंद थीं ही नहीं। करीना ने कहा, 'मुझे तो यह भी नहीं पता कि इस मामले में मेरा नाम क्यों जोड़ा गया, क्योंकि मैं इस फिल्म के लिए पसंद ही नहीं थी।'

लारा दत्ता - फोटो : एक्स (ट्विटर)
4. कैकेयी के लुक में लारा दत्ता
फिल्म के ट्रेलर में लारा दत्ता का लुक सामने आने के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। लारा फिल्म में रानी कैकेयी का किरदार निभाया है। ट्रेलर में वह मरून रंग की साड़ी और गोल्डन बॉर्डर के साथ हरे रंग का ब्लाउज पहने दिखाई दी थीं। उनके सीधे बाल और साइड पार्टिंग वाला हेयरस्टाइल भी लोगों का ध्यान खींचने लगा।

कुछ दर्शकों को उनका लुक पसंद नहीं आया। लोगों का कहना था कि त्रेतायुग की रानी के किरदार में डिजाइनर ब्लाउज और सैलून में सेट किए हुए बाल काफी आधुनिक लग रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके लुक की तुलना एकता कपूर के टीवी सीरियल्स में दिखाए जाने वाले किरदारों से भी की। लोगों का मानना था कि कैकेयी के किरदार की स्टाइलिंग को उस दौर के हिसाब से और बेहतर बनाया जा सकता था।

एआर रहमान - फोटो : अमर उजाला
5. एआर रहमान के संगीत पर मचा बवाल
फिल्म 'रामायण' का संगीत एआर रहमान और हॉलीवुड के मशहूर कंपोजर हैंस जिमर ने मिलकर तैयार किया है। फिल्म के गाने 'मंगल रंग' और 'रावण तांडव' रिलीज होते ही चर्चा में आ गए। हालांकि, कुछ लोगों को ये गाने पसंद नहीं आए और उन्होंने इनके म्यूजिक पर सवाल उठाए।

दरअसल, 'मंगल रंग' भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी को दिखाता है। लेकिन गाने में सूफी और कव्वाली अंदाज की झलक देखकर कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। उनका मानना था कि रामायण जैसे धार्मिक महाकाव्य के लिए संगीत का अंदाज पारंपरिक होना चाहिए था। कुछ लोगों ने गाने की धुन की तुलना एआर रहमान के पुराने गानों 'एन्ना सोला पोगिराई' और 'कुन फाया कुन' से भी की।

वहीं, 'रावण तांडव' में इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक के इस्तेमाल को लेकर भी लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ दर्शकों को लगा कि इसका संगीत रावण के किरदार की गंभीरता और ताकत को ठीक से नहीं दिखा पा रहा है। इस आलोचना पर एआर रहमान ने अपनी बात रखी। उन्होंने एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स का उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर आप सभी को खुश करना चाहते हैं तो जाकर आइसक्रीम बेचिए।'

रामायण फिल्म - फोटो : इंस्टाग्राम
6. फिल्म के वीएफएक्स पर बवाल
'रामायण' के प्रमोशनल वीडियो सामने आने के बाद फिल्म के वीएफएक्स को लेकर भी काफी चर्चा हुई। कुछ लोगों को महल के अंदर के दृश्य, रावण की एंट्री और पुष्पक विमान का दृश्य पसंद आया। वहीं, कुछ दर्शकों ने जंगल में फिल्माए गए दृश्यों को नकली और बनावटी बताया।

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने फिल्म के कंप्यूटर जनरेटेड विजुअल्स की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। कुछ यूजर्स का कहना था कि फिल्म के कई दृश्य ऐसे लग रहे हैं, जैसे उन्हें एआई की मदद से तैयार किया गया हो। वहीं, कुछ लोगों ने इन्हें अधूरे ग्रीन स्क्रीन इफेक्ट जैसा बताया।

इसके बाद मेकर्स ने फिल्म के सेट और शूटिंग से जुड़े बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किए। इन वीडियो के जरिए दिखाने की कोशिश की गई कि फिल्म की दुनिया तैयार करने में कितनी मेहनत की गई है। हालांकि, इन वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

इस मामले पर रणबीर कपूर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई बार दर्शक लंबे समय और मेहनत से तैयार किए गए सीजीआई को एआई से बना हुआ समझ लेते हैं। वहीं, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने भी साफ किया कि ट्रेलर में दिखाए गए वीएफएक्स का काम अभी पूरा नहीं हुआ था। उनका कहना था कि फिल्म को आईमैक्स 3डी में देखने के लिए तैयार किया गया है, ताकि दर्शकों को बड़े पर्दे पर एक अलग अनुभव मिल सके।

रावण का किरदार निभा रहे यश ने भी दर्शकों से फिल्म को खुले दिमाग से देखने की अपील की। उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर अपना पैसा और प्रतिष्ठा दोनों दांव पर लगाए हैं। यश के मुताबिक, अगर ऐसे बड़े प्रोजेक्ट बनाने की हिम्मत करने वाले फिल्ममेकर्स को दर्शकों का साथ नहीं मिला तो आगे इस तरह की फिल्में बनाने के मौके कम हो सकते हैं।

मुकेश छाबड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
7. रावण पर बयान देकर विवादों में आए मुकेश छाबड़ा
फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा भी अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए थे। साल 2024 में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने रावण के किरदार को लेकर अपनी राय रखी थी।

बातचीत के दौरान मुकेश ने कहा था कि रावण के कई कामों के पीछे उसकी बहन शूर्पणखा के प्रति प्रेम भी एक वजह था। उन्होंने भगवान राम और रावण के बीच तुलना करते हुए यह भी कहा था कि दोनों ही अपने-अपने तरीके से प्रेम से प्रेरित थे।

उनके इस बयान पर कई लोगों ने नाराजगी जताई। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि इस तरह की व्याख्या से रावण के किरदार और रामायण में उसके नैतिक पक्ष को बहुत आसान तरीके से समझाने की कोशिश की जा रही है।

विवाद बढ़ने के बाद मुकेश छाबड़ा ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने अपनी बात वापस लेते हुए माफी भी मांगी।

रामायण - फोटो : यूट्यूब
8. फिल्म की स्क्रिप्ट के अधिकारों को लेकर कानूनी विवाद
'रामायण' को लेकर एक विवाद फिल्म की स्क्रिप्ट और उसके अधिकारों से भी जुड़ा रहा। मधु मंटेना से जुड़ी कंपनी अल्लू मंटेना मीडिया वेंचर्स एलएलपी ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर रामायण प्रोजेक्ट से जुड़ी स्क्रिप्ट और दूसरी सामग्री पर अपना अधिकार होने का दावा किया था।

कंपनी की ओर से कहा गया था कि प्राइम फोकस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ इन अधिकारों को हासिल करने को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन अप्रैल 2024 तक यह बातचीत किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची थी।

कंपनी ने यह भी चेतावनी दी थी कि अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सुलझाए बिना इस सामग्री का इस्तेमाल करना कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इस विवाद ने फिल्म की मुश्किलें और बढ़ा दीं। पहले से ही फिल्म की कास्टिंग, लुक और दूसरे पहलुओं को लेकर चर्चा हो रही थी। ऐसे में स्क्रिप्ट के अधिकारों का मामला भी सुर्खियों में आ गया।

फिल्म 'रामायण' - फोटो : सोशल मीडिया
9. बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा था फिल्म का मामला
फिल्म की शूटिंग और फुटेज की सुरक्षा को लेकर भी मामला कानूनी स्तर तक पहुंच गया। नवंबर 2026 में गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। कंपनी के पास फिल्म के घरेलू और क्षेत्रीय बौद्धिक संपदा के इस्तेमाल से जुड़े अधिकार हैं।

कंपनी ने आरोप लगाया कि गोपनीयता समझौते के बावजूद फिल्म की प्रतिबंधित स्क्रीनिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए कुछ वीडियो ऑनलाइन सामने आ गए थे। इसके बाद फिल्म की फुटेज को बिना अनुमति रिकॉर्ड करने और इंटरनेट पर प्रसारित करने से रोकने की मांग की गई।

इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए फिल्म की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग, होस्टिंग, वितरण और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाई। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस जामदार ने कहा कि कंपनी की यह आशंका पहली नजर में सही और ठोस लगती है कि फिल्म के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड करके ऑनलाइन अपलोड किया जा सकता है या अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम किया जा सकता है। इस आदेश का मकसद फिल्म के व्यावसायिक हितों की रक्षा करना और सिनेमाघरों में रिलीज से पहले इसके पायरेटेड फुटेज को इंटरनेट पर फैलने से रोकना था।
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फिल्म 'रामायण' - फोटो : सोशल मीडिया
10. धार्मिक संगठनों ने की फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग
'रामायण' में धार्मिक किरदारों को किस तरह दिखाया गया है, इसे लेकर भी सवाल उठे। इसी बीच कुछ धार्मिक संगठनों ने फिल्म की रिलीज से पहले इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग कराने की मांग कर दी। रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कथित तौर पर निर्देशक नितेश तिवारी को पत्र लिखकर हिंदू संगठनों और रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराने की मांग की थी।

इस मांग के पीछे साल 2023 में रिलीज हुई ओम राउत की फिल्म 'आदिपुरुष' का विवाद भी एक वजह बताया गया। उस फिल्म को डायलॉग, किरदारों के चित्रण और रामायण की कहानी को कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाने को लेकर काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्र में रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में लेने पर भी सवाल उठाए गए थे। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी।

यह पूरा मामला दिखाता है कि रामायण जैसे धार्मिक महाकाव्य पर फिल्म बनाना कितना संवेदनशील विषय है। इस कहानी से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में पर्दे पर इसके किसी भी किरदार या घटना को नए अंदाज में दिखाने पर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आना स्वाभाविक है।
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