रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' का गाना 'मंगल रंग' इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गाने के म्यूजिक को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोगों ने इसके म्यूजिकल ट्रीटमेंट पर सवाल उठाए।
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उनका कहना है कि गाने में सूफी कव्वाली का प्रभाव नजर आ रहा है, जो हिंदू महाकाव्य पर आधारित फिल्म के हिसाब से सही नहीं लगता। वहीं, कुछ लोगों ने इसकी तुलना एआर रहमान के पुराने गानों से भी की है, जिनमें 'रॉकस्टार' का 'कुन फाया कुन' भी शामिल है।
बता दें कि इस गाने के हिंदी वर्जन को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है, जबकि कन्नड़ वर्जन 'मंगला संगम' को अरमान मलिक और बेला शेंडे ने गाया है। अब गाने को लेकर हो रही आलोचना पर अरमान मलिक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संगीत को समझने और महसूस करने का हर व्यक्ति का अपना नजरिया होता है। बता दें कि 'मंगल रंग' में भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग दिखाया गया है।
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अरमान मलिक
- फोटो : इंस्टाग्राम-@armaanmalik
गाने को लेकर क्या बोले अरमान मलिक?
एक बातचीत के दौरान अरमान मलिक ने कहा, 'पूरी म्यूजिक टीम एक ही लक्ष्य के साथ काम कर रही थी कि संगीत का अनुभव पर्दे पर दिखाए गए पवित्र प्रेम और दिव्यता को दर्शाए। कोई श्रोता संगीत को किस तरह समझता है, यह हमेशा उसकी अपनी सोच पर निर्भर करता है और कला की यही प्रकृति है। एक कलाकार के तौर पर मेरा ध्यान उस पल की गहरी भक्ति पर था और मेरी कोशिश थी कि हम उसे पूरे सम्मान के साथ पेश कर सकें।'
अरमान मलिक
- फोटो : इंस्टाग्राम@armaanmalik
रणबीर के लिए गाना था अरमान का सपना
अरमान मलिक लंबे समय से रणबीर कपूर के लिए गाना गाना चाहते थे। वह पहले भी कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह रणबीर कपूर और शाहरुख खान जैसे सितारों के लिए अपनी आवाज देना चाहते हैं। अब 'मंगला संगम' के जरिए उनका यह सपना पूरा हो गया है।
इस बारे में बात करते हुए अरमान ने कहा, 'यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत बड़ी उपलब्धि है। हम सभी कुछ ऐसे सितारों को देखते हुए बड़े हुए हैं, जिन्होंने सिनेमा में रोमांस और भावनाओं को एक अलग पहचान दी है। रणबीर कपूर मेरी पीढ़ी के लिए ऐसे ही एक कलाकार रहे हैं। इस गाने के पीछे का सफर इसे मेरे लिए और भी खास बनाता है।'