कैसे शुरू हुआ पूरा मसला?
राम गोपाल वर्मा की प्रतिक्रिया समझने से पहले मसला समझ लेते हैं। दरअसल, इसके तार सियासत से जुड़े हैं। बीते दिनों नागा बाबू ने पवन कल्याण की एक तस्वीर अपने एक्स अकाउंट से साझा की। इसके साथ उन्होंने लिखा था, 'एक लीडर की बात आखिरी होती है। उसके रास्ते में किसी ने शैतान और राक्षस नहीं देखे। सिर्फ वही जानता है कि क्या सही है और क्या गलत। संदेह करना बंद करो। अपनी जबान बंद रखो और बिना सवाल किए लीडर के पीछे चलो'। उनके इस पोस्ट ने खूब सुर्खियां बटोरीं। बता दें कि नागा बाबू पवन कल्याण के बड़े भाई हैं और मेगास्टार चिरंजीवी के छोटे भाई हैं।
प्रकाश राज ने दी तीखी प्रतिक्रिया
नागा बाबू के इस पोस्ट को साझा करते हुए प्रकाश राज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'आपका क्या मतलब है? हम भेड़ नहीं हैं, हम गुलाम नहीं हैं। लोकतंत्र में सवाल करना हर नागरिक का अधिकार है। किसी भी नेता की जिम्मेदारी होती है कि वह लोगों को जवाब दे'। प्रकाश राज की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींचा।
राम गोपाल वर्मा ने किसे किया सपोर्ट?
नागा बाबू का यह पोस्ट और उस पर प्रकाश राज की टिप्पणी सोशल मीडिया पर हॉट टॉपिक बना है। दोनों के इस विवाद पर राम गोपाल वर्मा ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर प्रकाश राज का ट्वीट साझा करते हुए लिखा है, 'असल में आपका मतलब यह है कि डेमोक्रेसी में एक लीडर को लोग जिम्मेदार पद देते हैं, जो उस पर भरोसा करते हैं कि वह उनके मसलों का ध्यान रखेगा। उसे राजा का ताज नहीं पहनाया गया है'। राम गोपाल वर्मा ने अप्रत्यक्ष रूप से प्रकाश राज को सपोर्ट किया है।