क्या रजनीकांत को महसूस हो रही जलन?
दिग्गज अभिनेता रजनीकांत ने विजय के सीएम बनने पर रिएक्शन दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, थलाइवा ने कहा है, 'तमिलनाडु में दो शक्तिशाली गठबंधनों को हराकर विजय के मुख्यमंत्री बनने से मैं ईर्ष्यालु महसूस नहीं कर रहा हूं, बल्कि इससे मैं बेहद खुश हूं'।
बोले- 'रजनी कोई घटिया इंसान नहीं है'
रजनीकांत ने आज रविवार को अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, 'मैं यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि चुनाव के संबंध में मेरे बारे में कई तरह की आलोचनाएं की जा रही हैं। अगर मैं इनका जवाब नहीं दूंगा, तो इन्हें ही सच मान लिया जाएगा। चुनाव नतीजों के बाद, मैं एम.के. स्टालिन से मिलने गया था और यह बात आलोचना का विषय बन गई। हमारी दोस्ती राजनीति से परे है। मुझे इस बात का दुख हुआ कि एम.के. स्टालिन कुलाथुर से हार गए। रजनी कोई घटिया या निम्न स्तर का व्यक्ति नहीं है, जो किसी भी अन्य विषय पर बेवजह कुछ भी बोले। जैसे ही मुख्यमंत्री चुनाव जीते, मैंने तुरंत उन्हें बधाई दी'।
रजनीकांत बोले- 'विजय ने अपनी पहचान खुद बनाई है'
अभिनेता रजनीकांत ने आगे कहा, 'जब मैंने सुना कि विजय मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो मुझे बहुत हैरानी हुई। मैं राजनीति में नहीं हूं। मुझे राजनीति से दूर हुए काफी दिन हो गए हैं। विजय और मेरे बीच उम्र का 28 साल का अंतर है। यहां, विजय ने दो प्रमुख पार्टियों के खिलाफ खड़े होकर अपनी पहचान खुद बनाई है'।
बोले- 'विजय और मुझसें एक पीढ़ी का अंतर है'
रजनीकांत ने कहा कि मैंने एयरपोर्ट पर विजय के बारे में सवाल का जवाब नहीं दिया। मैं राजनीति से दूर हूं। जब मैं राजनीति में नहीं हूं तो मुझे विजय से जलन क्यों होगी? शायद अगर कमल हासन मुख्यमंत्री होते, तो मुझे जलन होती। लेकिन ऐसा नहीं होता। मेरे और विजय के बीच एक पीढ़ी का अंतर है, इसीलिए मैंने पहले ही कहा है कि अगर विजय मेरे साथ चुनाव लड़े, तो मेरे लिए भी अच्छा नहीं, उनके लिए भी अच्छा नहीं। मैं उन्हें तब से देख रहा हूं, जब वे बहुत छोटे थे'।
शपथ ग्रहण में शामिल न होने पर क्या बोले?
रजनीकांत आगे बोले- 'विजय कम उम्र में मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने दो बड़ी पार्टियों के खिलाफ अकेले कैंडिडेट के तौर पर जीत हासिल की। मुझे उनसे जलन नहीं हो रही। यह हैरानी और खुशी का मिश्रण है। लोगों को विजय से उम्मीदें हैं। मुझे उम्मीद है कि वे इन्हें पूरा करेंगे'। रजनीकांत ने आगे कहा, 'मुझे ट्रेडिशन के लिए विजय से मिलना पसंद नहीं है। लोगों को विजय को दो साल के लिए छोड़ देना चाहिए। उन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए'।